मुंबई : दहिसर और जुहू में स्थित हाई फ्रीक्वेंसी रडार केंद्रों की वजह से उत्पन्न ऊंचाई सीमा की बाधा को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने रडार केंद्रों को स्थानांतरित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को विधानसभा में निवेदन के माध्यम से यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दहिसर और जुहू में स्थित हाई फ्रीक्वेंसी रडार केंद्रों के आसपास के क्षेत्र में इमारतों की ऊंचाई पर प्रतिबंध होने के कारण इस क्षेत्र में पुनर्विकास रुका हुआ था। इस समस्या को दूर करने के लिए रडार केंद्रों को तकनीकी रूप से उपयुक्त अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। नागरिक विमानन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने दहिसर में स्थित रडार केंद्र को गोरई में स्थानांतरित करने के लिए सहमति दी है। इसके लिए राज्य सरकार ने स्थानांतरण का संपूर्ण खर्च उठाने के साथ-साथ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की तैयारी केंद्र सरकार के समक्ष व्यक्त की है।

गोराई की जमीन के बदले मिलेगी दहीसर में जमीन

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम को इस स्थान का निरीक्षण करने के लिए आमंत्रित किया है। तकनीकी अध्ययन पूर्ण होने और उपयुक्त विकल्प तय होने के बाद जुहू में स्थित हाई फ्रीक्वेंसी रडार केंद्र को स्थानांतरित करने की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इन रडार केंद्रों के स्थानांतरण से दहिसर और जुहू डीएन नगर क्षेत्र में इमारतों के पुनर्विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए गोराई में स्थित भूमि भारत सरकार को हस्तांतरित की जाएगी और बदले में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपनी दहिसर में स्थित 50 प्रतिशत भूमि का उपयोग सार्वजनिक उद्यान के लिए करेगी। जुहू में स्थित रडार केंद्र के लिए भी वैकल्पिक स्थान सुझाया गया है।

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