मुंबई: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना हमारा प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्यरत है तथा इस क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रत्येक भारतीय तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही सच्चे अर्थों में देशसेवा है।
लोक भवन के दरबार हॉल में पी. डी. हिंदुजा अस्पताल की राष्ट्रव्यापी मुहिम “जीवन बचाना और स्वस्थ भारत का निर्माण करना” के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्घाटन राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑनलाईन माध्यम से किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश में औषधि निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आयुष्यमान भारत के अंतर्गत एक लाख से अधिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र कार्यरत हैं। मिशन इंद्रधनुष्य जैसे अभियानों के माध्यम से टीकाकरण को गति मिली है। 12 करोड़ से अधिक परिवारों को आयुष्मान भारत कार्ड प्रदान किए गए हैं, जिससे लाखों नागरिकों को उपचार का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए एंबुलेंस सेवा और ट्रॉमा केयर सेंटरों के विस्तार पर विशेष बल दिया है। साथ ही, आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। यद्यपि देश में अनेक आवश्यक दवाओं का उत्पादन हो रहा है, फिर भी कुछ चिकित्सा उपकरणों और दवाओं का आयात करना पड़ता है। उन्होंने इन्हें देश में ही निर्मित करने के प्रयास तेज करने का आह्वान किया।
कोविड के बाद मानसिक स्वास्थ्य का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ है। अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएँ व्यक्तिगत, पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन को प्रभावित करती हैं। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा में स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाई गई है तथा विभिन्न राज्यों में ऑल इंडिया इन्टिस्ट्यूट ऑफ मेडिकल सायन्स (एम्स) संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हिंदुजा अस्पताल समूह द्वारा शुरू किए गए वर्षभर चलने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा पहुँचाना अत्यंत सराहनीय कार्य है।
प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से चिकित्सा क्षेत्र पर दबाव कम होगा –राज्यपाल आचार्य देवव्रत
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने की नीति अपनाई है और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से चिकित्सा क्षेत्र पर दबाव कम हो सकता है। रोगों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैक्सीन विकसित कर ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना से अनेक देशों को उपलब्ध कराई। गरीब और वंचित वर्गों की सेवा करना भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है और उसी भावना से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होना चाहिए।
उन्होंने हिंदुजा अस्पताल समूह द्वारा पिछले 75 वर्षों से मानवतावादी दृष्टिकोण से उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने की सराहना की। देश-विदेश के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार देकर संस्था ने भारत की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाई है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों की सेवा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
राज्य में प्रत्येक नागरिक को 5 किलोमीटर के दायरे में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को उसके निवास स्थान से 5 किलोमीटर के भीतर सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने निजी और धर्मादाय अस्पतालों से इस दिशा में सहयोग करने की अपेक्षा व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के माध्यम से राज्य सरकार 2,400 से अधिक बीमारियों के लिए पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुजा जैसे संस्थान राज्य सरकार को स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि देश के विभाजन के बाद विपरीत परिस्थितियों में हिंदुजा समूह ने चिकित्सा सेवा प्रारंभ की थी और आज यह देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में शामिल है। अनेक देशों से मरीज यहाँ उपचार के लिए आते हैं।
उन्होंने पालघर जिले में कुपोषण उन्मूलन हेतु समूह द्वारा किए गए कार्य की सराहना की। हिंदुजा अस्पताल ने क्षयरोग में दवा प्रतिरोध (ड्रग रेजिस्टेंस) की पहचान करने में अग्रणी भूमिका निभाई, जो आगे चलकर राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बना। टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों के उपचार में भी समूह ने महत्वपूर्ण कार्य किया है।
कार्यक्रम में समूह के अध्यक्ष अशोक हिंदुजा ने प्रस्तावना रखी और संस्थान की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान एवं उपचार पद्धतियों की जानकारी दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिंदुजा अस्पताल द्वारा आयोजित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और समूह के विभिन्न कार्यों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में विधान परिषद सभापति प्रा.राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष ॲड. राहुल नार्वेकर, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढा, सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, राजशिष्टाचार एवं विपणन मंत्री जयकुमार रावल, सांसद प्रफुल्ल पटेल, सांसद मिलिंद देवरा सहित हिंदुजा समूह के डॉक्टर, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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