डीसीपी दत्ता नलावडे के मार्गदर्शन में अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मुंबई : अंधेरी पूर्व स्थित एक ड्रेनेज लाइन से सड़ी-गली अवस्था में मिली एक अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। डीसीपी दत्ता नलावडे के मार्गदर्शन में अंधेरी पुलिस ने इस मामले में हत्या का खुलासा करते हुए महिला के भाई और भाभी को गिरफ्तार किया है।

24 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे बीएमसी कर्मचारियों ने अंधेरी पुलिस को सूचना दी कि मरोल पाइपलाइन क्षेत्र स्थित ओमनगर में ड्रेनेज लाइन की सफाई के दौरान एक बंद मैनहोल खोलने पर करीब 5-6 फीट गहराई में एक सड़ा हुआ शव मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पहचान के लिए बनाई गई 9 पुलिस टीमें

शव की हालत बेहद खराब होने के कारण पहचान करना चुनौतीपूर्ण था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 9 पुलिस टीमों का गठन किया गया और पश्चिम परिमंडल के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच की गई। मृत महिला के शरीर पर मिले आभूषणों और अन्य सुरागों के आधार पर उसकी पहचान 80 वर्षीय ब्लान्स जेम्स सिक्वेरा के रूप में हुई, जो अंधेरी पूर्व की निवासी थी।

तीन महीने से थी लापता

पुलिस जांच में पता चला कि महिला 10 जनवरी 2026 से लापता थी और इस संबंध में सहार पुलिस स्टेशन में उसके भाई जोसेफ थॉमस कोयलो ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

घर में अक्सर होता था विवाद

स्थानीय जांच में सामने आया कि मृत महिला का अपने भाई जोसेफ और भाभी मारिया के साथ अक्सर विवाद होता था। 9 जनवरी को भी उनके बीच तीखा झगड़ा हुआ था, जिसके बाद से महिला अचानक गायब हो गई थी।

ड्रेनेज की सफाई के दौरान मिला शव

पुलिस ने संदेह के आधार पर जोसेफ, उसकी पत्नी मारिया और बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान जोसेफ ने कबूल किया कि उसने 10 जनवरी की रात अपनी बहन की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को मैनहोल खोलकर ड्रेनेज लाइन में फेंक दिया। बाद में उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर महिला की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

दोनों आरोपी गिरफ्तार

इस खुलासे के बाद अंधेरी पुलिस ने जोसेफ थॉमस कोयलो (65) और उसकी पत्नी मारिया जोसेफ कोयलो (63) को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों और जांच टीम की अहम भूमिका

इस सफल कार्रवाई में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिम क्षेत्र) परमजीत सिंह दहिया और डीसीपी दत्ता नलावडे का मार्गदर्शन रहा।अंधेरी विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर और पुलिस निरीक्षक (क्राइम) विनोद पाटील की देखरेख में टीम ने जांच को अंजाम दिया। जांच टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक मगर, उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान सुपे, संजय अकोलकर, हेड कॉन्स्टेबल पेडणेकर, शिंदे, पुजारी, कांबरी, घडवले, गायकवाड, और पुलिसकर्मी पाटील, म्हात्रे, लोंढे, गवली, शिंदे, तिघोटे, टरके, घुले, नरवट, मोरे तथा तकनीकी सहायता में विशाल पिसाल शामिल रहे।पुलिस की सराहनीय सफलता

पुलिस की सराहनीय सफलता
अत्यंत सड़ी अवस्था में मिले शव की पहचान कर तीन महीने पुराने हत्या के मामले का खुलासा करना अंधेरी पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस टीम के समन्वित प्रयास और सटीक जांच का परिणाम है।

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