पुलिस की सतर्कता से बची जान
पुणे : 5 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए पुणे के एक बड़े शराब कारोबारी के 17 वर्षीय बेटे के अपहरण का प्रयास पुणे ग्रामीण पुलिस की सतर्कता के कारण नाकाम हो गया। दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देने का प्रयास कर रहे अपहरणकर्ताओं को फिल्मी अंदाज में हुई पुलिस की एंट्री के कारण मुंह की खानी पड़ीं मामले में पुलिस ने पीछा करके न सिर्फ नाबालिग अपहृत को सकुशल छुड़ा लिया बल्कि खेतों के बीच छिपे दो अपहरणकर्ताओं को भी दबोच लिया है। इस सनसनीखेज वारदात में अब जो खुलासा हुआ है उससे पुलिस भी सकते में आ गई है।
वाइन शॉप के बाहर हुई वारदात
मंगलवार दोपहर युवक अपने पिता की वाइन शॉप से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान दो नकाबपोश बदमाशों ने झपट्टा मारकर उसे जबरन काली कार में बैठाया और फरार हो गए। वॉचमैन के शोर मचाने पर परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
नाकाबंदी और हाईवे पर सर्च ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुणे ग्रामीण पुलिस ने सातारा हाईवे, सासवड और जेजुरी इलाके में तत्काल नाकाबंदी के आदेश दिए। कुछ ही देर में पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध कार जेजुरी–लोणंद मार्ग की ओर जा रही है।
गन्ने के खेत में खत्म हुआ रोमांचक पीछा
पिसूर गांव के पास पुलिस को देखकर आरोपी तेज रफ्तार में भागने लगे। कई किलोमीटर तक पीछा करने के बाद संकरी सड़क पर चालक का नियंत्रण बिगड़ा और कार सीधे गन्ने के खेत में जा फंसी। आरोपी कार छोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। कार से 17 वर्षीय युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
‘हनीट्रैप’ की खबर से रची साजिश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अक्षय लक्ष्मण इंगुलकर और अक्षय भालेराव (दोनों निवासी मांजरी, हडपसर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पिता के हनीट्रैप मामले की मीडिया में आई खबरों से प्रभावित होकर आरोपियों ने यह योजना बनाई। उन्हें लगा कि बेटे के अपहरण पर पिता दबाव में आकर आसानी से 5 करोड़ की फिरौती दे देंगे। आरोपियों ने कई दिनों तक युवक की रेकी की और कार की नंबर प्लेट भी बदल दी थी।
पुलिस की तत्परता से टला बड़ा अपराध
पुणे ग्रामीण पुलिस की तेज कार्रवाई से न सिर्फ नाबालिग की जान बची, बल्कि करोड़ों की फिरौती की साजिश भी नाकाम हो गई। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।

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