मुंबई : पुणे और पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी, दापोडी और हडपसर इलाकों में जहरीली देशी शराब पीने से 18 लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र में अवैध शराब निर्माण और उसमें इस्तेमाल होने वाले जहरीले रसायनों की सप्लाई के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने भिवंडी स्थित मेसर्स रेक्स इंटरनेशनल कंपनी पर छापा मारकर 5,929 किलोग्राम संदिग्ध मेथनॉल जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पुणे कांड में इस्तेमाल मेथनॉल की सप्लाई इसी कंपनी ने की थी।
महज 30 रुपए की शराब बनी काल
पुणे में जिस देशी शराब ने 18 लोगों की जान ली, वह मात्र 30 रुपए में बेची जा रही थी। जांच में पता चला कि उस शराब में जानलेवा रसायन मेथनॉल मिलाया गया था। इसके बाद एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने तुरंत राज्यभर में मेथनॉल के अवैध भंडारों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को कोई छूट नहीं दी जाएगी और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 सहित सभी संबंधित कानूनों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस जांच में उजागर हुई सप्लाई चेन
पुलिस तफ्तीश में उस पूरी आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा हुआ जिसने इस त्रासदी को जन्म दिया। जांच के अनुसार, मृतकों ने फुगेवाडी निवासी कर्नालसिंग विरका के यहां यह जहरीली शराब पी थी। विरका को यह शराब योगेश वानखेडे से मिली थी, जो उरुली कांचन के राजू प्रजापती से माल खरीदकर आगे सप्लाई करता था। इस पूरी चेन में इस्तेमाल मेथनॉल भिवंडी की मेसर्स रेक्स इंटरनेशनल कंपनी से आया था, यही इस कांड का भिवंडी कनेक्शन है।
भिवंडी में गोदाम पर छापा, 5,929 किलो मेथनॉल जब्त
आयुक्त मुंढे के निर्देश पर ठाणे के औषध निरीक्षक योगेंद्र पोल ने कंपनी के गोदाम, ‘अनंत एंड कंपनी,’ गाला नंबर 544/ए, म्हात्रे कंपाउंड, अंजूर रोड, वलगाव, भिवंडी, पर धावा बोला। छापे के वक्त कंपनी के मालिक अरुणकुमार चौबे और उनके सक्षम प्रतिनिधि अभिषेक अरुणकुमार चौबे मौजूद नहीं थे। गोदाम में 5,929 किलोग्राम मेथनॉल का जखीरा मिला, लेकिन इस जहरीले रसायन की खरीद-बिक्री का कोई भी अधिकृत दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर या वैध कागजात उपलब्ध नहीं थे। तत्काल पूरा माल जब्त कर संबंधित परिसर सील कर दिया गया।
लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
जहरीले पदार्थ नियमों के तहत आवश्यक रिकॉर्ड न होने पर एफडीए ने भिवंडी के नारपोली पुलिस थाने में अरुणकुमार चौबे और अभिषेक चौबे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके अलावा एफडीए के ठाणे कार्यालय ने जहरीले पदार्थ अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
एफडीए ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध दवा विक्री, मिलावट, जहरीले रसायनों के दुरुपयोग या भ्रामक विज्ञापनों की जानकारी मिलने पर तुरंत शिकायत करें। शिकायत में नाम, पता, संपर्क नंबर, संदिग्ध प्रतिष्ठान का सटीक पता और संबंधित पदार्थ की जानकारी देना जरूरी होगी। सभी शिकायतों की गोपनीयता से जांच कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। इसके साथ ही एफडीए जल्द ही एक अलग मोबाइल ऐप लॉन्च करने और टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी में है, ताकि आम लोगों के लिए शिकायत दर्ज कराना और आसान हो सके।

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