मिलावटखोरों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
मुंबई : महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने “सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र” अभियान के तहत राज्यभर में मिलावटी, असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए खाद्य पदार्थों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। 29 से 31 मई तक चलाए गए विशेष अभियान में विभिन्न जिलों में छापेमारी कर लगभग 70.89 लाख रुपये मूल्य के 54,339 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
राज्यभर में एक साथ चली छापेमारी
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर मुंबई, नवी मुंबई, पुणे, कोल्हापुर, सांगली, सतारा, नासिक, भंडारा, जालना, बीड, नांदेड़, परभणी, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, हिंगोली, वर्धा, यवतमाल, अमरावती और अकोला सहित कई जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एक साथ कार्रवाई की। जांच के दौरान खाद्य उत्पादन, भंडारण और पैकेजिंग इकाइयों में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।
गुड़ में चीनी की मिलावट का बड़ा खुलासा
पुणे जिले के दौंड तालुका में तीन अलग-अलग स्थानों पर की गई जांच में गुड़ में चीनी मिलाए जाने के प्रमाण मिले। अधिकारियों ने लगभग 30.64 लाख रुपए मूल्य का गुड़ और 15,096 किलोग्राम चीनी जब्त की, जिसका उपयोग मिलावट के लिए किया जा रहा था। प्रशासन ने इसे अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक बताया है।

आम पकाने के लिए रसायनों के इस्तेमाल पर कार्रवाई
नवी मुंबई के एपीएमसी मार्केट में आमों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए एथिलीन स्प्रे और अन्य रसायनों के उपयोग का मामला सामने आया। अधिकारियों ने तीन स्थानों से लगभग 2.11 लाख रुपए मूल्य के आम जब्त किए। प्रशासन का कहना है कि ऐसे रसायनों का अनियंत्रित उपयोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
घी, तेल, आइसक्रीम और अन्य खाद्य पदार्थ भी जांच के घेरे में
अभियान के दौरान गुड़, बूंदी लड्डू, खोवा, बेकरी उत्पाद, कैंडी, घी, खाद्य तेल, खजूर, आइसक्रीम, कुल्फी, फ्रोजन डेजर्ट, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। कई स्थानों पर बिना लाइसेंस संचालन, अस्वच्छ परिस्थितियों में उत्पादन, लेबलिंग नियमों का उल्लंघन तथा मानकहीन उत्पादों के भंडारण जैसी अनियमितताएं पाई गईं।

दोबारा अपराध करने वालों पर दर्ज होगा मामला
एफडीए ने चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी व्यापारी द्वारा दोबारा मिलावट या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, तो उसके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील
खाद्य एवं औषध प्रशासन ने नागरिकों से मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी तत्काल विभाग को देने का आग्रह किया है। विभाग जल्द ही शिकायतों के लिए एक नया मोबाइल ऐप और टोल-फ्री सुविधा भी शुरू करने जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने में आसानी होगी।
‘सुरक्षित भोजन हर नागरिक का अधिकार’
सह आयुक्त (खाद्य) महेश चौधरी ने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रत्येक नागरिक का मूलभूत अधिकार है। इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलावट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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