मुंबई. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है. इस स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में गैस की कमी के खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने हेतु एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. सरकार ने राज्य में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क और पीएनजी (पीएनजी) कनेक्शन के विस्तार को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
परमिट राज खत्म
अन्न एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने जानकारी दी है कि अब पाइपलाइन बिछाने के लिए विभिन्न प्राधिकरणों के पास लंबित अनुमतियों को ‘स्वचालित रूप से मंजूर’ माना जाएगा. सरकार द्वारा जारी नए जीआर (जीआर) के अनुसार, सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन के लिए किए गए नए आवेदनों को मात्र 24 घंटे के भीतर मंजूरी देना अनिवार्य कर दिया गया है. इस प्रक्रिया को और भी सरल बनाने के लिए अब अग्निशमन विभाग या ट्रैफिक पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
काम की गति बढ़ाने के लिए विशेष छूट
परियोजना को गति देने के लिए सरकार ने गैस कंपनियों को दिन-रात यानी 24 घंटे काम करने की अनुमति दे दी है. इसके अतिरिक्त, पाइपलाइन बिछाने के दौरान होने वाली खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत के लिए लगने वाले शुल्क को भी माफ कर दिया गया है। सरकार ने अब पीएनजी को पानी और बिजली की तरह ‘अनिवार्य सेवा’ की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया है। यह आदेश 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में प्रभावी रहेगा.
आम जनता और व्यवसायियों को बड़ी राहत
सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ आम नागरिकों और होटल व्यवसायियों को मिलेगा. जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां के निवासी और होटल मालिक केवल राशनिंग दुकान में आवेदन करके अगले 3 महीनों के भीतर कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे. लेकिन, सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन स्कूल, अस्पताल, सामुदायिक रसोई और होटलों को भी कमर्शियल दर पर 50 प्रतिशत तक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
नोडल अधिकारी की नियुक्ति
इस पूरी योजना के सुचारू कार्यान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए ‘नियंत्रक राशनिंग एवं संचालक नागरिक आपूर्ति’ को महाराष्ट्र राज्य का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. सरकार की इस मुस्तैदी से उम्मीद जताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध जैसी स्थितियों के बावजूद महाराष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनी रहेगी और आम जनता को एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से स्थाई मुक्ति मिलेगी.

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