महाराष्ट्र बना मुख्य केंद्र
मुंबई. देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘नीट 2026’ में हुए पेपर लीक मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे घोटाले के तार राजस्थान, हरियाणा और मुख्य रूप से महाराष्ट्र के लातूर, पुणे, नाशिक और अहिल्यानगर से जुड़े हैं. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
मुख्य सूत्रधार कुलकर्णी की गिरफ्तारी
इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड लातूर के दयानंद कॉलेज के पूर्व केमिस्ट्री प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी को माना जा रहा है. सीबीआई ने कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार किया है. कुलकर्णी पिछले 28 वर्षों से रसायन शास्त्र पढ़ा रहे थे और पांच साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे. वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की उस अत्यंत गोपनीय समिति का हिस्सा थे, जो नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करती है. इस पद पर होने के कारण उनकी सीधी पहुंच असली प्रश्नपत्रों तक थी. आरोप है कि उन्होंने इसी भरोसे का फायदा उठाकर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अपने पुणे स्थित घर पर गुप्त कोचिंग सत्र आयोजित किए. यहां उन्होंने छात्रों को हूबहू वही प्रश्न और उत्तर लिखवाए, जो 3 मई को परीक्षा में आए थे. इसके बदले छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए.
बायोलॉजी प्रोफेसर मनीषा मांढरे भी शिकंजे में
कुलकर्णी से पूछताछ के बाद सीबीआई ने शनिवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जीव विज्ञान (बायोलॉजी) की वरिष्ठ प्राध्यापिका मनीषा गुरुनाथ मांढरे को गिरफ्तार कर लिया. मनीषा भी एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़ी हुई थीं, जिससे उनकी पहुंच बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक थी. जांच में सामने आया है कि पुणे के बिबवेवाडी में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे ने छात्रों को इकट्ठा किया था, जिन्हें प्रोफेसर मनीषा मांढरे ने अपने घर बुलाकर लीक हुए प्रश्न और उनके सटीक उत्तर रटवाए थे.
देशभर में फैला नेटवर्क और करोड़ों का खेल
यह घोटाला सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है. पेपर लीक की कड़ियां पुणे से अहिल्यानगर के धनंजय लोखंडे, नाशिक के शुभम खैरनार और वहां से गुरुग्राम के यश यादव तक पहुंचीं. इसके अलावा जयपुर से मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को भी गिरफ्तार किया गया है. मंगीलाल ने अपने बेटे के लिए इस लीक पेपर के एवज में 10 से 12 लाख रुपये देने का सौदा किया था. इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे. सीबीआई ने देशभर में छापेमारी कर डिजिटल सबूत और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है. फिलहाल सीबीआई की टीम लातूर में डेरा डाले हुए है और कई कोचिंग संचालकों से गहन पूछताछ जारी है.

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