मुंबई : महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार मुंबई से गडचिरोली के सुरजागढ़ तक विकास का नया एक्सप्रेसवे तैयार करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) को वैश्विक आर्थिक केंद्र बनाने के साथ-साथ गडचिरोली जैसे दूरदराज क्षेत्रों को भी उद्योग, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि “कोस्ट टू फॉरेस्ट” विकास मॉडल के जरिए राज्य में संतुलित और सर्वसमावेशी विकास को गति दी जा रही है।
मुंबई बनेगी ग्लोबल फिनटेक कैपिटल
एक कार्यक्रम में “मुंबई से सुरजागढ़ – समृद्धि का महामार्ग” विषय पर बोलते हुए शिंदे ने कहा कि नीति आयोग के रोडमैप के अनुसार मुंबई का जीडीपी दोगुना करने और शहर को ग्लोबल फिनटेक कैपिटल बनाने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ देश की ग्रोथ इंजन भी है।
एमएमआर में 4 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट
शिंदे ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र में इस समय करीब 4 लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। अटल सेतु, कोस्टल रोड, मेट्रो विस्तार, बुलेट ट्रेन, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मेट्रो लाइन-3 और वधावन बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट राज्य के भविष्य को नई दिशा देंगे।
‘60 मिनट मुंबई’ का लक्ष्य
मुंबई की ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि मुंबई के एक छोर से दूसरे छोर तक 60 मिनट में पहुंचा जा सके। एमएमआर में 337 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसमें मेट्रो लाइन 2बी, 4, 5, 6, 7ए, 9 और 12 शामिल हैं।
सैटेलाइट शहरों को बनाया जाएगा आर्थिक केंद्र
कल्याण को लॉजिस्टिक्स हब, डोंबिवली को नॉलेज और सर्विस सेक्टर हब, अंबरनाथ को इंडस्ट्रियल और एमएसएमई हब तथा बदलापुर को टिकाऊ शहरी विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इन शहरों को केवल रिहायशी विस्तार तक सीमित न रखकर रोजगार और उद्योग आधारित स्वयंपूर्ण आर्थिक केंद्र बनाना है।
मुंबई में नए हाउसिंग पॉलिसी पर जोर
मुंबई और एमएमआर में बढ़ती आवास जरूरतों को देखते हुए 17 साल बाद नई हाउसिंग पॉलिसी लागू की गई है। “माय होम – माय राइट” योजना के तहत 2030 तक आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई में 12 लाख और एमएमआर में 20 लाख घरों की जरूरत को ध्यान में रखकर नीति तैयार की गई है।
क्लस्टर रीडेवलपमेंट और डिजिटल हाउसिंग पोर्टल
राज्य सरकार एआई आधारित केंद्रीकृत डिजिटल हाउसिंग पोर्टल विकसित कर रही है। इसमें जियो टैगिंग, लैंड बैंक, महारेरा, महाभूलेख और पीएम गतिशक्ति का एकीकरण किया जाएगा। लंबित पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए क्लस्टर रीडेवलपमेंट पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
धारावी रीडेवलपमेंट बनेगा दुनिया का बड़ा प्रोजेक्ट
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी आधुनिक रीडेवलपमेंट योजनाओं में शामिल होगी। पात्र और अपात्र निवासियों के लिए अलग-अलग आवास योजनाएं लागू की जाएंगी। इसके साथ ही ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे नागरी लोककल्याण अभियान’ के तहत स्लम फ्री मुंबई अभियान चलाया जा रहा है।
पर्यावरण और हरित विकास पर विशेष ध्यान
शिंदे ने कहा कि समृद्धि महामार्ग, कोस्टल Road, मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक और ठाणे-बोरीवली टनल जैसे प्रोजेक्ट्स में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन किया गया है। महालक्ष्मी रेसकोर्स में 295 एकड़ का सेंट्रल पार्क विकसित किया जा रहा है, जो देश के सबसे बड़े अर्बन ग्रीन स्पेस में शामिल होगा। ठाणे में ‘नमो ग्रैंड सेंट्रल पार्क’ भी विकसित किया गया है।
गडचिरोली को उद्योग और रोजगार से जोड़ने की पहल
शिंदे ने कहा कि सरकार गडचिरोली जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। लॉयड मेटल्स के साथ 20 हजार करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट और सुरजागढ़ इस्पात परियोजना के जरिए हजारों रोजगार सृजित होंगे। सुरजागढ़ को समृद्धि महामार्ग से जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड रोड प्रोजेक्ट भी मंजूर किया गया है, जिससे मुंबई से गडचिरोली की दूरी 9 से 10 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
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