कोई पात्र मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा: मुख्य निर्वाचन अधिकारी
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की घोषणा की है. इस मोहिम के तहत राज्य के लगभग 9 करोड़ 86 लाख 44 हजार 413 मतदाताओं के विवरण की घर-घर जाकर प्रत्यक्ष पड़ताल की जाएगी. महाविकास आघाडी (MVA) द्वारा इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताए जाने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने पत्रकार परिषद बुलाकर निर्वाचन आयोग की भूमिका स्पष्ट की है.

पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन
एस. चोकलिंगम ने स्पष्ट किया कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी तरीके से लागू की जाएगी और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बिना कारण नहीं हटाया जाएगा. उन्होंने कहा कि 2002 साल की मतदाता सूची को सामने रखकर मैपिंग की जाएगी, जिसमें मतदाताओं को यह देखना है कि उनका या उनके माता-पिता का नाम उस सूची से मिलता है या नहीं. राज्य में एसआईआर प्रक्रिया 29 जुलाई तक जारी रहेगी और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) मतदाताओं के घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे. अगर बीएलओ के आने पर कोई घर पर उपस्थित नहीं होगा, तो भी 29 जुलाई के बाद उसका नाम दर्ज कराया जा सकेगा.

एक लाख से अधिक बीएलओ होंगे तैनात
इस कार्य के लिए राज्य में कुल 1 लाख 253 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं. ये कर्मचारी घर-घर जाकर डुप्लिकेट नामों की पहचान, स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी अपडेट करने और पुरानी सूचियों से मैपिंग का काम करेंगे. मुंबई में कई स्थानों पर पुनर्विकास चल रहा है, जिसके कारण जो नागरिक दूसरी जगह रहने चले गए हैं, उन्हें स्थानीय बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म भरने की अपील की गई है. चोकलिंगम ने यह भी बताया कि राज्य के 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है.

ऑनलाइन सेल्फ-मैपिंग की सुविधा
नागरिकों को घर बैठे ही अपनी जानकारी डिजिटल तरीके से अपडेट करने के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘ऑनलाइन सेल्फ-मैपिंग’ का विकल्प उपलब्ध कराया है. इसके अलावा, बीएलओ की पड़ताल प्रक्रिया के दौरान नागरिक अपने आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.

मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी समयसारणी
20 से 29 जून 2026 तक गणना आवेदनों की छपाई और बीएलओ कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर आवेदन वितरित करेंगे और भरे हुए आवेदन वापस लेंगे. 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची अधिकृत रूप से प्रकाशित की जाएगी. 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक मतदाता प्रारूप सूची पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. 3 अक्टूबर 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा कर दिया जाएगा. अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.

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