मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें सरकारी जमीन के पट्टे की अवधि बढ़ाना, शत्रु संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर स्टांप शुल्क माफ करना, आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण की योजना, सार्वजनिक निर्माण विभाग में भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और एक सहकारी सूत मिल के पुनरुद्धार को मंजूरी देना शामिल है।
महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 और महाराष्ट्र भूमि राजस्व (सरकारी जमीनों का निपटान) नियम, 1971 के प्रावधानों के तहत सरकारी जमीन विभिन्न उद्देश्यों के लिए 30 वर्षों की लीज पर दी जाती थी। अब इस अवधि को बढ़ाकर 49 वर्ष तक करने की मंजूरी दी गई है।
विभिन्न प्रशासनिक विभागों, महामंडलों, बोर्डों और प्राधिकरणों की स्वामित्व वाली या हस्तांतरित सरकारी जमीनें अब आवश्यकतानुसार पहले अधिकतम 49 वर्षों के लिए लीज पर दी जा सकेंगी। शर्तों के उल्लंघन न होने पर, इस लीज का एक बार फिर से 49 वर्षों की सीमा में नवीनीकरण किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी कार्यालयों द्वारा जमीन के किराए में निर्धारित अवधि में वृद्धि और नियमित रूप से किराए की राशि की वसूली पर उचित नियंत्रण रखा जाएगा।
शत्रु संपत्ति की खरीद-बिक्री पर स्टाम्प ड्यूटी माफ
शत्रु संपत्ति की खरीद-बिक्री पर पहली रजिस्ट्री के समय स्टाम्प ड्यूटी माफ करने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार के गृह विभाग के नियंत्रण में कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया (CEPI) द्वारा शत्रु संपत्तियों का संरक्षण, प्रबंधन और बिक्री की जाती है।
राज्य में कुल 428 शत्रु संपत्तियां हैं, जिनमें मुंबई उपनगर में 177 और ठाणे में 86 संपत्तियां शामिल हैं। युद्धकाल में भारत छोड़कर शत्रु देशों में स्थानांतरित हुए नागरिकों की ये संपत्तियां हैं।
स्टाम्प ड्यूटी माफी से खरीद लागत कम होगी और नीलामी में बेहतर प्रतिसाद मिलने की संभावना है।
PM-SETU योजना के तहत आईटीआई का आधुनिकीकरण
राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण के लिए पीएम-सेतु योजना को मंजूरी दी गई। कुशल मानव संसाधन की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को कम करने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है।
पहले चरण में शामिल शहर: नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे
हब एंड स्पोक मॉडल: प्रत्येक क्लस्टर में 1 हब आईटीआई और 4 स्पोक आईटीआई होंगे। हब आईटीआई में औसतन 4 नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे और 10 मौजूदा पाठ्यक्रमों में सुधार किया जाएगा। स्पोक आईटीआई में 2 नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे और 8 पाठ्यक्रमों में सुधार होगा।
वित्तीय व्यवस्था: एक क्लस्टर के लिए पांच वर्षों में अनुमानित 241 करोड़ रुपए का खर्च होगा, जिसमें केंद्र सरकार 112 करोड़ रुपए (50%), राज्य सरकार 98 करोड़ रुपए (33%) और उद्योग क्षेत्र 31 करोड़ रुपए (17%) का योगदान देंगे।
ठेकेदारों को बकाए के भुगतान के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को मंजूरी
राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों के कंत्राटदारों, शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों और मजदूर संस्थाओं का लगभग 89 हजार करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है. इस वजह से कई कंत्राटदार गंभीर आर्थिक संकट में हैं और कुछ ने आत्महत्या तक कर ली है. माना जा रहा है कि चुनाव पूर्व मुफ्त योजनाओं के कारण राज्य की तिजोरी पर दबाव से यह संकट पैदा हुआ है. इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए कैबिनेट ने ट्रेड रिसीवेबल इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) प्लेटफॉर्म का उपयोग करने का फैसला लिया है। यह भारत सरकार और आरबीआई का संयुक्त प्लेटफॉर्म है। इससे सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों में भुगतान प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुगम होगी. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) ठेकेदारों को कामकाजी पूंजी आसानी से मिल सकेगी, जिससे उनकी आर्थिक तंगी दूर करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को इस प्लेटफॉर्म को अपनाने और एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने के निर्देश दिए हैं। बाद के चरण में इसे ई-टेंडरिंग और ई-खरीद पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी विभाग इस प्लेटफॉर्म को अपनाएं और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए।
धुले की सहकारी सूत मिल के पुनरुद्धार को मंजूरी
धुले जिले के मोराणे स्थित जवाहर शेतकरी सहकारी सूतगिरणी के पुनरुद्धार प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस पुनरुद्धार के लिए 156 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से प्राप्त की जाएगी।
इस प्रस्ताव को एनसीडीसी के पास भेजने की भी मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों से सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Related Posts
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2024 Tah Ki Baat. All Rights Reserved. Created and Maintained by Creative web Solution
