मुंबई: कुपोषण मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार के ‘सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान’ में महाराष्ट्र ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। इस अभियान के तहत देश की 1000 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था, जिनमें से सर्वाधिक 192 ग्राम पंचायतें अकेले महाराष्ट्र की हैं। यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
कुपोषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने बताया कि यह अभियान बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और धात्री माताओं में कुपोषण कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है। अभियान की सफलता में आंगनवाड़ी केंद्रों और वहां कार्यरत सेविकाओं व सहायिकाओं की भूमिका अहम रही है।
आंगनवाड़ी कर्मियों को मिला सम्मान
मंत्री तटकरे ने इस उपलब्धि के लिए राज्यभर की आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, अधिकारियों और ग्राम पंचायतों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार के नेतृत्व में राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का यह सकारात्मक परिणाम है। मंत्री ने इस सफलता को दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को समर्पित करते हुए सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया।
लंबित मांगों पर सरकार का सकारात्मक रुख
इसी क्रम में मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान आंगनवाड़ी सेविकाओं और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने प्रोत्साहन भत्ते को मानदेय में शामिल करने, ग्रेच्युटी, पेंशन, बीमारी की छुट्टी और पदोन्नति में आयु सीमा में छूट जैसी मांगें रखीं।
समस्याओं के समाधान का भरोसा
मंत्री आदिती तटकरे ने आश्वासन दिया कि सरकार आंगनवाड़ी कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। प्रोत्साहन भत्ते से जुड़ी तकनीकी अड़चनों को जल्द दूर किया जाएगा, जबकि ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे दीर्घकालिक मुद्दों पर अध्ययन के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने पोषण ट्रैकर ऐप में नियमित जानकारी अपडेट करने पर भी जोर दिया। बैठक में विभागीय सचिव डॉ. अनुकुमार यादव, आयुक्त कैलास पगारे सहित वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version