मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराज़गी जताई है। पश्चिमी उपनगरों के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर काम नहीं करना है तो पार्टी के नाम में ‘नवनिर्माण’ रखने का क्या मतलब है?
राज ठाकरे की मौजूदगी में बांद्रा से दहिसर तक के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के मनसे पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक गोरेगांव पश्चिम स्थित एम्पायर बैंक्वेट हॉल में हुई।
बैठक में महिला विभाग, शाखा और उपशाखा स्तर के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था।
“मुझे सबकी जानकारी मिलती है”
बैठक के दौरान राज ठाकरे ने पदाधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कौन कितना काम कर रहा है और कौन निष्क्रिय है, इसकी पूरी जानकारी उन्हें मिलती रहती है। उन्होंने कहा कि अब हर पदाधिकारी को बताना होगा कि उसने पार्टी के लिए वास्तव में क्या काम किया है। पार्टी के कामकाज में ढिलाई पर नाराज़गी जताते हुए राज ठाकरे ने कहा कि “आप लोगों ने हर चीज का मजाक बना दिया है। अगर कुछ नया करना ही नहीं है तो ‘नवनिर्माण’ नाम रखने का क्या फायदा?”
सदस्यता अभियान की समीक्षा
बैठक में उन्होंने सदस्यता पंजीकरण अभियान की भी समीक्षा की।
राज ठाकरे ने कहा कि जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन पदाधिकारी संगठनात्मक काम में कितना सक्रिय है। साथ ही उन्होंने 19 तारीख को होने वाले अगले कार्यक्रम के लिए तैयारी करने के निर्देश भी दिए।
महिला पदाधिकारियों की लगाई क्लास
बैठक में महिला पदाधिकारियों से भी उन्होंने सीधे सवाल किए। राज ठाकरे ने कहा कि केवल हल्दी-कुंकू जैसे औपचारिक कार्यक्रम आयोजित करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने महिलाओं के लिए समाज हित से जुड़े नए और प्रभावी कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत बताई।
“काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी”
बैठक के बाद मनसे के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की चर्चा तेज हो गई है। ठाकरे ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के काम में ढिलाई अब बिल्कुल सहन नहीं की जाएगी और आने वाले समय में पदाधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी कार्यक्रमों और संगठन विस्तार को लेकर मनसे अब ज्यादा सक्रिय होने की तैयारी में है।

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