नागपुर: महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अणुशक्ति नगर की विधायक सना मलिक-शेख ने नासिक जिले के मालेगाव में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए बलात्कार और हत्या के जघन्य अपराध पर गहरा दुख व्यक्त किया। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस सत्र में मासूम बच्चियों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाए गए तो हम उस पीड़ित बच्ची को न्याय नहीं दिला पाएंगे।
सना मलिक ने 1980 के ऐतिहासिक ‘बच्चन सिंह बनाम पंजाब राज्य’ मामले के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मांग की कि आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने सरकार से इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट (त्वरित न्यायालय) में चलाने का आग्रह किया। विधायक द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में लिखित उत्तर प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी निम्न जानकारी
आरोपी को 17 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस केस के लिए विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की नियुक्ति की गई है।
मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट को पत्र भेजा गया है।
पुलिस द्वारा 8 दिसंबर 2025 को चार्जशीट (दोषारोप पत्र) दाखिल की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सरकार ने छह विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
