शेफाली की फिफ्टी से भारत की शानदार जीत
मैनचेस्टर : महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराकर अपनी तीसरी जीत दर्ज की। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए मुकाबले में शेफाली वर्मा की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने 137 रन का लक्ष्य 16.5 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में पहुंच गई है।
शेफाली ने दिलाई तेज शुरुआत
137 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत दिलाई। हालांकि मंधाना केवल 8 रन बनाकर आउट हो गईं, लेकिन शेफाली ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने 34 गेंदों में 53 रन बनाए और टूर्नामेंट का अपना दूसरा अर्धशतक जड़ा। यास्तिका भाटिया ने 23 और जेमिमा रोड्रिग्स ने 26 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर 13 रन बनाकर नाबाद रहीं। मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं शेफाली ने कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुश हैं, हालांकि नाबाद लौटतीं तो उन्हें और अधिक संतोष मिलता।

बांग्लादेश की ओर से कप्तान निगार और जुयैरिया ने किया संघर्ष
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 136 रन बनाए। जुयैरिया फिरदौस ने 33 रन और कप्तान निगार सुल्ताना ने 32 रन की पारी खेली। शोभना मोस्तरी ने 22 रन का योगदान दिया, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। भारत की ओर से राधा यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि श्री चरणी ने 2 विकेट लिए। रेणुका सिंह ठाकुर ने भी शुरुआती सफलता दिलाई।
टीम की फील्डिंग पर उठे सवाल
भारत ने मुकाबला आसानी से जीत लिया, लेकिन क्षेत्ररक्षण एक बार फिर चिंता का विषय रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने पावरप्ले में कई आसान कैच छोड़े और गेंदबाजों ने भी अतिरिक्त रन दिए। रिपोर्टों में कहा गया कि बांग्लादेश जैसी टीम के खिलाफ इन गलतियों का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मजबूत टीमों के खिलाफ यही चूक भारी पड़ सकती है। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने माना कि टीम को अगले मुकाबले में फील्डिंग में सुधार करना होगा।
अब ऑस्ट्रेलिया से होगी बड़ी टक्कर
भारत ने चार मैचों में तीन जीत के साथ 6 अंक हासिल कर लिए हैं और ग्रुप में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। टीम का अगला मुकाबला 28 जून को ऑस्ट्रेलिया से होगा। ऑस्ट्रेलिया लगातार चार जीत के साथ ग्रुप की सबसे मजबूत टीम साबित हुई है। ऐसे में यह मुकाबला टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण से पहले भारत के लिए सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

