यातायात व कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया
मुंबई: भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. किरीट सोमैया ने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त और मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर शहर में सड़कों तथा रेलवे स्टेशनों के बाहर सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा किए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। सोमैया ने अपने पत्र में कहा है कि इस प्रकार की गतिविधियों से यातायात प्रभावित होता है और सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
रेलवे स्टेशनों और प्रमुख मार्गों का किया उल्लेख
2 जून 2026 को लिखे गए पत्र में सोमैया ने दावा किया है कि मुंबई के कई इलाकों में रेलवे स्टेशनों के बाहर तथा व्यस्त सड़कों पर नमाज अदा की जाती है। उनके अनुसार, इससे लगभग एक घंटे तक यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कार्यदिवसों में अवरोध का आरोप
पत्र में कहा गया है कि विशेष रूप से शुक्रवार दोपहर को कार्यालयीन समय के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों, स्टेशनों के बाहर और महत्वपूर्ण यातायात मार्गों पर नमाज आयोजित की जाती है। सोमैया ने इसे दैनिक जनजीवन और यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाला बताया है।
भविष्य में बढ़ सकती हैं ऐसी मांगें : सोमैया
भाजपा नेता ने अपने पत्र में आशंका जताई है कि यदि कुछ स्थानों पर इस प्रकार की गतिविधियों को अनुमति दी जाती रही, तो भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की मांगें सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक सड़कों का उपयोग किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए किए जाने से प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
न्यायालय के निर्णयों का हवाला
सोमैया ने पत्र में विभिन्न न्यायालयों के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा है कि खुले सार्वजनिक स्थलों, मैदानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक अथवा राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से इनका पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
पत्र में मुंबई पुलिस आयुक्त, यातायात पुलिस, महानगरपालिका आयुक्त तथा जिला प्रशासन से सड़कों पर नमाज अदा किए जाने की प्रथा को तत्काल बंद कराने की मांग की गई है। सोमैया ने कहा है कि सार्वजनिक मार्गों पर यातायात और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिला प्रशासन और यातायात पुलिस को भी प्रतिलिपि
इस पत्र की प्रतिलिपि मुंबई शहर के जिलाधिकारी, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी तथा मुंबई यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि इस विषय पर समन्वित कार्रवाई की जा सके।

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