2029 तक ‘ट्रिलियन डॉलर’ का लक्ष्य

मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए एक बड़ा विश्वास जताया है। उन्होंने घोषणा की कि वित्तीय अनुशासन और भारी निवेश के दम पर महाराष्ट्र साल 2029 तक देश की पहली ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि 2047 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना है।


आर्थिक मजबूती: दुनिया के कई देशों को पछाड़ा

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था आज दुनिया के कई विकसित देशों से आगे निकल चुकी है।

  • वैश्विक तुलना: महाराष्ट्र ने ऑस्ट्रिया, थायलैंड, नॉर्वे, फिलीपींस, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है।
  • आगामी लक्ष्य: अगले 2-3 वर्षों में महाराष्ट्र के यूएई (UAE) और सिंगापुर से भी आगे निकलने की उम्मीद है।
  • जीडीपी में योगदान: देश की जनसंख्या में महाराष्ट्र का हिस्सा 9.5% है, लेकिन देश की जीडीपी में राज्य का योगदान 14.3% है।
  • विकास दर: स्थिर कीमतों पर राज्य की विकास दर 7.9% और चालू कीमतों पर 10.4% दर्ज की गई है।

वित्तीय अनुशासन और कर्ज की स्थिति

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सक्षम है।

  • डेट टू जीडीपी रेशियो: महाराष्ट्र का कर्ज अनुपात 18.2% है, जो 25% की निर्धारित सीमा से काफी कम है। पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में यह 30% से 46% तक है।
  • राजकोषीय घाटा: इसे 3% की सीमा के भीतर (वर्तमान में 2.78%) रखने में सफलता मिली है।
  • पूंजीगत व्यय: विकास कार्यों पर खर्च 2013-14 के 25 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर अब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

बुनियादी ढांचा और जनकल्याणकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का विवरण साझा किया:

1. आवास और जल आपूर्ति

  • प्रधानमंत्री आवास योजना: राज्य में 30 लाख घरों की जरूरत के सापेक्ष 25 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त दी जा चुकी है। इन घरों पर सौर ऊर्जा प्रणाली भी लगाई जाएगी।
  • जल जीवन मिशन: राज्य के 81% घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है। 51 हजार योजनाओं में से 26 हजार पूर्ण हो चुकी हैं।

2. कृषि और सिंचाई

  • नदी जोड़ परियोजना: मराठवाड़ा के सूखे को समाप्त करने के लिए 87 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट प्रस्तावित है, जिससे 78 TMC पानी वळवाया जाएगा।
  • सौर कृषि पंप: ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप’ योजना में महाराष्ट्र देश में अव्वल है। 33 लाख किसानों को अब दिन में बिजली मिल रही है।

3. ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति

  • बिजली दरों में कटौती: अगले 5 वर्षों में घरेलू ग्राहकों के लिए बिजली दरें 26% तक कम होंगी।
  • नवीकरणीय ऊर्जा: 2035 तक राज्य की 65% बिजली गैर-पारंपरिक स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य है।

निवेश का महाकुंभ: 44,710 करोड़ के नए करार

विधानभवन में मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री उदय सामंत की उपस्थिति में 8 बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रमुख निवेश और कंपनियां:

कंपनी का नामक्षेत्रनिवेश (करोड़ में)स्थान
एस.एम. स्टील्सस्टील कॉम्प्लेक्स₹20,000चंद्रपूर
इन्फिनिटीटेड फायबरसर्कुलर फायबर₹11,910अमरावती
टाटा टेक्नॉलॉजीजएयरोस्पेस/रक्षा₹4,800नागपुर, पुणे आदि
रेटाविया प्रा. लि.हेलिप्लांट₹4,250नांदेड

रोजगार: इन करारों से राज्य में 7,030 नए रोजगार पैदा होंगे। निवेश का यह प्रवाह केवल मुंबई-पुणे तक सीमित न रहकर नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अहिल्यानगर और गडचिरोली जैसे जिलों तक भी पहुंच रहा है।


अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

  • सोलापूर विकास: सोलापूर में आईटी पार्क और हवाई अड्डे पर ‘नाइट लैंडिंग’ के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • धार्मिक संरक्षण: उत्तर प्रदेश में मनकर्णिका घाट के संवर्धन का कार्य पुरातत्व विभाग की देखरेख में जारी है।
  • शिक्षा: राज्य की 53,709 स्थानीय निकायों की शालाओं को डिजिटल/स्मार्ट क्लासरूम से लैस किया गया है।
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