मुंबई: आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के मद्देनजर भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और आरपीआई (आठवले) की महायुति ने अपना घोषणापत्र (वचननामा) रविवार को जारी कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की उपस्थिति में जारी किए गए इस घोषणापत्र में मुंबईकरों के लिए 87 बड़ी घोषणाएं की गई हैं। महायुति ने अपने इस ‘वचननामे’ में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और मराठी अस्मिता पर विशेष जोर दिया है। इसमें सबसे अहम घोषणा महिलाओं के लिए बेस्ट (BEST) बस के किराए में 50% की छूट और ‘लाड़ली बहनों’ को व्यवसाय के लिए बिना ब्याज के कर्ज देने की है।
यहाँ महायुति के घोषणापत्र के 20 प्रमुख बिंदु और विस्तार से जानकारी दी गई है।
जनहित से जुड़े 20 प्रमुख मुद्दे
महिलाओं को बड़ी राहत: बेस्ट (BEST) बसों के किराए में महिलाओं को 50% की छूट मिलेगी।
बिना ब्याज कर्ज: ‘लाड़ली बहन’ योजना के तहत महिलाओं को लघु उद्योग शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा।
24 घंटे पानी: पूरी मुंबई में 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और अगले 5 वर्षों तक पानी का बिल (Water Tax) नहीं बढ़ाया जाएगा।
बेस्ट का विस्तार: बेस्ट बसों का बेड़ा 5,000 से बढ़ाकर 10,000 किया जाएगा; 2029 तक सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
पक्की सड़कें: 9 मीटर से चौड़ी सभी सड़कों का कांक्रीटीकरण होगा।
बार-बार खुदाई से मुक्ति: सड़कों की बार-बार खुदाई रोकने के लिए ‘युटिलिटी टनल’ (Utility Tunnel) बनाए जाएंगे।
बाढ़ मुक्त मुंबई: जापानी तकनीक का इस्तेमाल कर अगले 5 सालों में मुंबई को बाढ़ मुक्त किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं: बीएमसी अस्पतालों का दर्जा AIIMS की तर्ज पर सुधारा जाएगा।
मुफ्त इलाज: प्रत्येक प्रशासनिक वार्ड में डायलिसिस और कीमोथेरेपी सेंटर बनाए जाएंगे; 60 वर्ष से ऊपर के नागरिकों की साल में एक बार मुफ्त ‘फुल बॉडी चेकअप’ होगी।
डिजिटल हेल्थ: ‘मुंबईकर हेल्थ कार्ड’ बनेगा, जिसमें मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में सेव होगी।
शिक्षा में AI: बीएमसी के स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा और सभी स्कूलों में AI Labs स्थापित होंगी।
सफाई कर्मियों को घर: सफाई कर्मचारियों को उनका अपना हक का घर दिया जाएगा।
धारावी पुनर्विकास: धारावी के निवासियों को 350 स्क्वायर फीट का घर दिया जाएगा और मौजूदा उद्योगों को वहीं जगह मिलेगी।
घुसपैठियों पर वार: मुंबई को रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशियों से मुक्त किया जाएगा।
मराठी अस्मिता: मराठी भाषा के लिए अलग विभाग और केवल मराठी फिल्मों के लिए ‘मराठी मल्टीप्लेक्स’ बनाए जाएंगे।
प्रदूषण नियंत्रण: हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 17,000 करोड़ रुपए की पर्यावरण संवर्धन योजना लागू होगी।
कचरा मुक्त शहर: ‘जीरो वेस्ट वार्ड’ विकसित किए जाएंगे और मलबे/कचरे के लिए छोटी गाड़ियां लगाई जाएंगी।
पार्किंग समाधान: सड़कों पर पार्किंग की समस्या सुलझाने के लिए कम्युनिटी पार्किंग, अंडरग्राउंड और वर्टिकल पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
कैंसर अस्पताल: टाटा हॉस्पिटल की तर्ज पर बीएमसी का अपना कैंसर अस्पताल बनेगा, जहां मुफ्त इलाज मिलेगा।
छात्रों के लिए सुविधाएं: हर वार्ड में वातानुकूलित (AC), वाई-फाई युक्त और 24 घंटे खुली रहने वाली लाइब्रेरी (अभ्यासिका) बनाई जाएगी।
घोषणापत्र के अन्य महत्वपूर्ण पहलू
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि ईस्टर्न फ्री-वे को घाटकोपर से आगे ठाणे तक बढ़ाया जाएगा। ट्रैफिक जाम और सड़कों की बदहाली रोकने के लिए डिजिटल फायर ऑडिट और सड़कों के लिए डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
जल आपूर्ति और पर्यावरण: मुंबई की पानी की आपूर्ति 3800 एमएलडी से बढ़ाकर 4700 एमएलडी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए गारगाई, पिंजाल और दमनगंगा परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। साथ ही, मीठी नदी को साफ कर निर्मल बनाने का वादा भी किया गया है।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा: महापौर निधि की स्थापना की जाएगी, जिससे जरूरतमंद मरीजों को मुख्यमंत्री सहायता निधि की तरह 50 हजार रुपए तक की मदद मिल सकेगी। मधुमेह (Diabetes) मुक्त मुंबई और हृदय रोगियों के लिए विशेष अस्पताल बनाने का भी संकल्प लिया गया है।
आवास और पुनर्विकास: रुके हुए स्लम रिहैबिलिटेशन (SRA) प्रोजेक्ट्स को गति दी जाएगी। 20 हजार इमारतों को तत्काल ओसी (OC – Occupancy Certificate) देने का वादा किया गया है। सरकारी और बीएमसी कर्मचारियों के लिए भी विशेष आवास योजनाएं लाई जाएंगी।

विपक्ष का हमला: ‘यह जुमलानामा है’
जहां एक ओर महायुति ने मुंबईकरों के जीवन को सुगम बनाने के लिए टेक्नोलॉजी, हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े वादे किए हैं, वहीं विपक्ष इसे चुनावी हथकंडा बता रहा है। महायुति के इस घोषणापत्र पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने इसे “जुमलानामा” करार दिया है। सावंत ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा है, “पिछले दो महीने हिंदू-मुस्लिम करने के बाद, प्रचार खत्म होने से दो दिन पहले महायुति ने अपना जुमलानामा जारी किया है। जब 2017 से भाजपा सत्ता में थी और पिछले चार साल से प्रशासक राज है, तब उन्होंने क्या किया? 2017 के घोषणापत्र के वादों, जैसे 11 लाख घर और स्मारकों का क्या हुआ?”लेकिन बीएमसी चुनाव 2026 में मुंबई की जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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