मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके सुरक्षा गार्ड और पुलिस सिपाही श्याम मगन सोनावणे को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद पुलिस आयुक्त ने उनके खिलाफ बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं।
सामने आया था सलमान खान कनेक्शन
12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा पूर्व स्थित खेरवाड़ी इलाके में बाबा सिद्दीकी पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। वारदात के समय बाबा सिद्दीकी अपने विधायक पुत्र जीशान के ऑफिस से निकल कर बांद्रा पश्चिम स्थित अपने घर जा रहे थे। उसी दौरान उनकी कार के पास घात लगाकर बैठे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के शूटरों ने बाबा को गोली मार दी थी। लीलावती अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। बिश्नोई गैंग ने दावा किया था कि बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से दोस्ती की वजह से बाबा को निशाना बनाया गया था। घटना के समय श्याम सोनावणे बाबा सिद्दीकी के अंगरक्षक के रूप में तैनात थे। इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए सोनावने के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान किया गया था निलंबित
विभागीय जांच शुरू होने के बाद श्याम सोनावणे को पहले ही निलंबित कर दिया गया था। जांच में कर्तव्य में लापरवाही और अन्य गंभीर त्रुटियों के आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया। 2 मई 2026 को उन्हें बर्खास्तगी की नोटिस जारी की गई।
जीशान को बिल्डर लॉबी पर शक
दूसरी ओर बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने एक बार फिर हत्या की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा चार्जशीट में बताई गई हत्या की वजह “महज आंखों में धूल झोंकने” जैसी है और उन्हें शक है कि इस हत्या के पीछे बिल्डर लॉबी का हाथ है। जीशान ने कहा कि उन्होंने अपने संदेह और संबंधित बिल्डरों के नाम मुंबई क्राइम ब्रांच को बताए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई जांच नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि किन बिल्डरों से पूछताछ हुई और क्या उनके मोबाइल टावर लोकेशन की जांच की गई।
एक अन्य मामले में 6 और पुलिसकर्मी निलंबित
मुंबई पुलिस ने एक अन्य मामले में 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनमें सहायक पुलिस उपनिरीक्षक विलास आनंद हजारे तथा पुलिस कांस्टेबल रहिमान बाबूलाल सय्यद, राजेंद्र विठ्ठल दिवटे, उमेश पांडुरंग बांगर, अल्तमेश इब्राहिम शेख और विशाल बापू पारे शामिल हैं।
मुलुंड टोलनाका चौकी में ड्यूटी के दौरान लापरवाही का आरोप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये सभी पुलिसकर्मी नवघर, पंतनगर, विक्रोली, भांडुप, घाटकोपर और मुलुंड पुलिस थानों से जुड़े हुए हैं। 5 अप्रैल 2026 को इनकी ड्यूटी मुलुंड के आनंदनगर टोलनाका चौकी पर लगाई गई थी। इसी दौरान उन पर कर्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगा।
विभागीय जांच में दोषी पाए गए कर्मचारी
वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। पुलिस जांच में सभी छह कर्मचारी दोषी पाए गए, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। फिलहाल उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो इन पुलिसकर्मियों पर भी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सकती है।

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