डॉ. अमित सैनी वेटिंग पर
मुंबई: आगामी मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों से पहले, बीएमसी प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अविनाश ढाकणे को मुंबई नगर पालिका का नया अतिरिक्त आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अमित सैनी को वेटिंग पर रखा गया है। राज्य के संयुक्त सचिव सुभाष उमराणीकर ने अविनाश ढाकणे को तुरंत डॉ. अमित सैनी से पदभार ग्रहण करने का आदेश दिया है।
यह फेरबदल डॉ. अमित सैनी पर पिछले कुछ समय में लगे कई गंभीर आरोपों बाद किए गए हैं। नगर निगम चुनाव से पहले उनकी जगह अविनाश ढाकणे को नियुक्त कर डॉ. सैनी को वेटिंग पर डाल दिया गया है।
तीन साल से प्रशासक राज और आंतरिक गड़बड़ी
पिछले तीन वर्षों से मुंबई नगर निगम में प्रशासक राज चल रहा है, जिसके कारण बीएमसी में एक तरह की भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लंबे समय से बीएमसी में तबादलों और पदोन्नतियों को लेकर गड़बड़ी की खबरें आ रही थीं। इन अनियमितताओं की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंची थीं। इन शिकायतों के बाद अब नगर पालिका में लगभग छह महीने बाद ‘सफाई अभियान’ शुरू होता दिख रहा है, जिसकी शुरुआत डॉ. अमित सैनी के तबादले से हुई है।
क्रीम पोस्ट के लिए लाखों की बोली के आरोप
पिछले तीन-चार वर्षों से नगर पालिका चुनाव न होने के कारण, बीएमसी पर नियंत्रण किसका है, यह सवाल लगातार बना रहा। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए, इंजीनियरों, सहायक इंजीनियरों और वार्ड अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि बीएमसी में ‘मलाईदार’ पदों के लिए लाखों रुपए की बोलियां लगाई गईं। जून 2025 में इन कथित घोटालों का पर्दाफाश होने के बाद, सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखकर बीएमसी के आंतरिक तबादलों पर ध्यान देने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अमित सैनी के अधिकार क्षेत्र में अब तक 122 अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है और 100 अन्य तबादले प्रक्रिया में हैं। इससे जमीनी स्तर पर भ्रम और अस्थिरता पैदा हो गई है। जून में गंभीर आरोप लगने के बाद, अब दिसंबर में डॉ. सैनी का तबादला कर दिया गया है और उन्हें वेटिंग पर रखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि प्रशासन ने इन शिकायतों पर संज्ञान लिया है। यह बदलाव आगामी चुनावों से पहले बीएमसी प्रशासन में पारदर्शिता और स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
