मुंबई: म्हाडा (MHADA) की सस्ती आवास योजना का झांसा देकर 66 लोगों से करीब 3.67 करोड़ रुपए की ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन आरोपियों पर लोगों को सस्ती कीमत पर घर दिलाने का लालच देकर रकम हड़पने का आरोप है।
वरिष्ठ अधिकारी बताकर रची साजिश
आरोपियों में से एक ने खुद को म्हाडा का वरिष्ठ अधिकारी बताया और म्हाडा की फर्जी मंजूरी सूची और ऑफर लेटर आदि दस्तावेज तैयार करके निवेशकों का विश्वास जीता था।
2022 में शुरू हुई ठगी की कहानी
इस मामले के शिकायतकर्ता प्रदीप दहाले का ऐरोली सेक्टर-10 में कार्यालय है। वर्ष 2022 में आरोपियों में शामिल रूपेश चौधरी और प्रभाकर शेट्टी ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि वे म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारी निक्की चौधरी को जानते हैं, जिनके जरिए सस्ते घर दिलाए जा सकते हैं।
66 निवेशकों से वसूले करोड़ों
आरोपियों की बातों में आकर प्रदीप दहाले ने अपने रिश्तेदारों, मित्रों और अन्य निवेशकों का भरोसा जीतते हुए आरोपियों को कुल 3.66 करोड़ रुपए सौंप दिए।
दबाव में लौटाए 1.25 करोड़
घर का कब्जा मिलने में देरी होने पर निवेशकों ने पैसे वापस मांगे। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने 1.25 करोड़ रुपये लौटाए, लेकिन शेष 2.42 करोड़ रुपए हड़प लिए।
मौत के बाद खुला राज
आरोपी रूपेश चौधरी की मौत के बाद जब शिकायतकर्ता ने मामले की गहराई से जांच की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए और ठगी का पूरा जाल उजागर हुआ।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
मुंबई में इसी तरह की अन्य ठगी के मामलों में संलिप्त होने के कारण प्रभाकर शेट्टी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अब रबाले पुलिस उसके ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया में जुटी है। वहीं, फरार आरोपी निक्की चौधरी की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि म्हाडा या किसी भी सरकारी योजना के नाम पर निवेश करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट और कार्यालय से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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