ठाणे : मुंबई से सटे मुंब्रा इलाके में एक ऐसा ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. मुंब्रा के रहने वाले 26 वर्षीय इंजीनियर अरबाज मकसूद अली खान की उसकी ही शादीशुदा प्रेमिका ने अपने पति, भाई और एक साथी के साथ मिलकर खौफनाक तरीके से हत्या कर दी. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से अरबाज के शव को एक हरे रंग के ड्रम में ठूंसकर वसई के एक सुनसान नाले में फेंक दिया था. मुंब्रा पुलिस ने सूझबूझ और तकनीकी जांच के सहारे इस पूरी खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है.
मिसिंग कंप्लेंट से शुरू हुई जांच
डोंबिवली के एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट डेवलपर के साथ काम करने वाला इंजीनियर अरबाज खान 3 अप्रैल 2026 को अपनी कंपनी के सिलसिले में कैश कलेक्ट करने दादर गया था. जब वह देर रात तक घर नहीं लौटा, तो चिंतित परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की. कोई सुराग न मिलने पर अरबाज के पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और अरबाज के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (सीडीआर) तथा लोकेशन खंगालनी शुरू की.
सीडीआर-लोकेशन ने खोला राज
पुलिस जांच में सामने आया कि अरबाज के गायब होने वाले दिन उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन वसई इलाके में थी. इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि उसी समय और उसी स्थान पर उसकी प्रेमिका मेहजबीन खातून एकरान शेख की लोकेशन भी मौजूद थी. इसके अलावा पुलिस को यह भी पता चला कि गायब होने से ठीक एक दिन पहले अरबाज ने मेहजबीन के खाते में 50,000 रुपये ट्रांसफर किए थे. इस पुख्ता संदेह के आधार पर पुलिस ने 25 वर्षीय मेहजबीन को हिरासत में लिया. शुरुआत में उसने पुलिस को भटकाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
पैसों के विवाद में निर्मम हत्या
पुलिस पूछताछ में यह सच सामने आया कि अरबाज और मेहजबीन के बीच साल 2021 से प्रेम संबंध थे. इस दौरान मेहजबीन लगातार अरबाज से पैसों की मांग करती थी और अरबाज उसे पैसे भेजता था. विवाद तब शुरू हुआ जब अरबाज ने हर महीने पैसे देने से मना कर दिया. इसके बाद मेहजबीन ने अपने पति हसन शेख, भाई तारिक शेख और उसके दोस्त मुजम्मल पठान के साथ मिलकर अरबाज को ठिकाने लगाने की साजिश रची. योजना के तहत अरबाज को वसई के भोईदापाड़ा में बुलाया गया. वहां और पैसों की मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने अरबाज के हाथ-पैर बांध दिए और प्लास्टिक के मोटे पाइपों से उसे बेरहमी से पीटा. सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण अरबाज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
दो अभी भी फरार
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए उसे एक हरे रंग के ड्रम में बंद किया और वालीव पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत आने वाले एक सुनसान नाले में फेंक दिया. मुंब्रा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मेहजबीन और उसके भाई तारिक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण, हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया है. फिलहाल मृतका का पति हसन और उसका साथी मुजम्मल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.

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