वसई में सिर कटा शव मिलने से फैली सनसनी
टैटू से हुई मृतक की पहचान

पालघर : वसई के पेल्हार क्षेत्र में मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के पास एक बोरे में सिर कटा शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। आम के बाग में फेंके गए उक्त शव की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। लेकिन मृतक के हाथ पर बने ‘अशोक सिंह’ नाम के टैटू से उसकी पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए महज 12 घंटे में मामले की गुत्थी सुलझा ली।
जांच में सामने आया कि मृतक अशोक सिंह राजपूत और आरोपी दिनेश कुमार प्रजापति वसई के जाबरपाड़ा इलाके में मिलकर किराना दुकान चलाते थे। कारोबार में पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जो हत्या का मूल कारण बना।
साथी के साथ मिलकर की बेरहमी से हत्या
आरोपी दिनेश कुमार ने अपने दोस्त संदीप तिवारी के साथ मिलकर अशोक की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव का सिर धड़ से अलग कर दिया गया।
शव और सिर अलग-अलग जगह फेंके
आरोपियों ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया, जबकि सिर को खाड़ी क्षेत्र में ठिकाने लगाया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
ड्रोन से चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस ने ड्रोन की मदद से खानिवडे गांव के पास तानसा नदी किनारे सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान मृतक का सिर, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने दिनेश कुमार प्रजापति और संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। वसई कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
रिश्तों में खत्म हो रहा विश्वास
यह घटना दर्शाती है कि पैसों के विवाद किस तरह गहरे रिश्तों को भी खत्म कर सकते हैं। दोस्ती और भरोसे का यह खौफनाक अंत पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करता है।

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