मुंबई : महाराष्ट्र को पूरी तरह से व्यसनमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आगामी २५ जून से राज्यभर में व्यापक स्तर पर ‘नशामुक्त महाराष्ट्र अभियान’ चलाया जाएगा. इस अभियान को एक जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से मुंबई उपनगर के पालकमंत्री एड. आशीष शेलार और सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने सभी जनप्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों से इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का पुरजोर आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही राज्य को नशामुक्त बनाया जा सकता है.
जिला नियोजन समिति की बैठक में बड़ी उपस्थिति
यह महत्वपूर्ण आह्वान मुंबई उपनगर जिला नियोजन समिति की एक अहम बैठक के दौरान किया गया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (दूरदृश्य प्रणाली) के माध्यम से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पालकमंत्री एड. आशीष शेलार और सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय प्राथमिकताओं के अनुरूप आयोजित इस डिजिटल बैठक में महापौर रितू तावडे, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार सहित पुलिस, महानगरपालिका, म्हाडा, एमआईडीसी, एमएमआरडीए और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग १६० मान्यवर ऑनलाइन उपस्थित रहे.
नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सार्वजनिक उद्यानों, खेल के मैदानों और सार्वजनिक शौचालयों जैसे स्थानों पर नशीले पदार्थों के अवैध इस्तेमाल और बिक्री को लेकर गंभीर शिकायतें तथा सुझाव प्रशासन के सामने रखे. इन सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हुए पालकमंत्री एड. शेलार ने संबंधित सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र को तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण का निर्माण करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा.
युवाओं में जनजागृति और व्यसनमुक्त जीवनशैली
सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि राज्य सरकार के इस विशेष अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक स्तरों पर व्यापक पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे. युवाओं को नशे के जाल से दूर रखने और उन्हें एक स्वस्थ तथा व्यसनमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में इस जनचेतना को फैलाने में मदद करने का आग्रह किया.
तटीय पर्यावरण और यातायात की समस्याओं पर मंथन
इस बैठक में जनप्रतिनिधियों ने तटीय क्षेत्रों में मैंग्रोव (तिवरा) की अवैध कटाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. इस पर संज्ञान लेते हुए पालकमंत्री एड. शेलार ने आश्वासन दिया कि संबंधित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम की समस्या पर भी विस्तृत चर्चा हुई. पालकमंत्री ने यातायात प्रबंधन को और अधिक सक्षम बनाने के लिए आवश्यक उपाय योजनाएं लागू करने तथा ट्रैफिक पुलिस को इस मार्ग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयास से जिले में एक सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिसर के निर्माण का संकल्प लिया गया.

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