शिवसेना स्थापना दिवस पर तीखे तेवर

मुंबई: शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने ठाकरे गुट पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल नाम या रक्त संबंध से कोई बालासाहेब ठाकरे का वारिस नहीं बन जाता। उनके विचार, कार्य और हिंदुत्व की भावना को अपनाना भी जरूरी है। शिंदे ने कहा कि “बाघ की खाल ओढ़ने से सियार बाघ नहीं बन सकता है।

‘ऑपरेशन करने के लिए शेर का कलेजा चाहिए’

संजय राउत के ‘ऑपरेशन तुडवा’ बयान पर पलटवार करते हुए शिंदे ने कहा कि ऑपरेशन करने के लिए शेर का कलेजा चाहिए, भेड़िये का नहीं। उन्होंने ठाकरे गुट को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो सामने आकर मुकाबला करें। उन्होंने दावा किया कि चार साल पहले भी धमकियां दी गई थीं, लेकिन वे अकेले ही विरोधियों के गढ़ में पहुंच गए थे।

कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की ताकत

शिंदे ने कहा कि चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर समय कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं और उन्हें आगे बढ़ाने का काम शिवसेना कर रही है। इसी वजह से रोज बड़ी संख्या में लोग उनके नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़ रहे हैं।

महायुति मजबूत, साजिशें होंगी नाकाम

शिंदे ने कहा कि महायुति पूरी तरह मजबूत है और उनके तथा मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने दावा किया कि महायुति का एजेंडा सत्ता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के लोगों के जीवन में बदलाव लाना है।

बालासाहेब के विचारों का दावा

शिंदे ने कहा कि उनकी शिवसेना ही बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाकर बालासाहेब के सपनों को पूरा किया है।

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