फडणवीस कैबिनेट ने लिए सड़क, शिक्षा और महामंडलों से जुड़े बड़े निर्णय
मुंबई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में सड़क विकास, उच्च शिक्षा और विभिन्न महामंडलों के सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए. विशेष रूप से राज्य में सड़क निर्माण और सुधार कार्यों को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपए के वित्तीय सहयोग को मंजूरी दी गई है. सरकार का मानना है कि इन फैसलों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा तथा शिक्षा क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी.
ग्राम सड़क योजना के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (चरण-3) के तहत होने वाले कार्यों के लिए एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण तथा राज्य निधि के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है. इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने में मदद मिलेगी.
सड़क सुधार परियोजना को मिलेगा बड़ा आर्थिक बल
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क सुधार परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण मंजूरी दी है. एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक और न्यू डेवलपमेंट बैंक से इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त होगी. दोनों बैंकों की ओर से परियोजना को लगभग 8,700-8,700 करोड़ रुपए का आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस वित्तीय सहायता से राज्यभर में सड़क सुधार, चौड़ीकरण और नई सड़कों के निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी.
3,500 किलोमीटर सड़कों का होगा विकास
मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार राज्य में करीब 3,500 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण और उन्नयन का कार्य किया जाएगा. इस परियोजना में राज्य सरकार की हिस्सेदारी लगभग 1,929 करोड़ रुपए होगी. ग्राम विकास विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं के लिए भी ऋण लेने की मंजूरी दी गई है. ग्राम विकास विभाग के लिए 4,229 करोड़ रुपए तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिए एक अरब अमेरिकी डॉलर तक का ऋण दो चरणों में लिया जाएगा.
शिक्षा क्षेत्र को भी मिली बड़ी सौगात
मंत्रिमंडल ने हैदराबाद (सिंध) नेशनल कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी, मुंबई के समूह विश्वविद्यालय में छह प्रतिष्ठित महाविद्यालयों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इनमें के. एम. कुंदनानी फार्मेसी कॉलेज, किशनचंद चेलाराम लॉ कॉलेज, श्रीमती मिठीबाई मोतीराम कुंदनानी कॉमर्स एवं इकोनॉमिक्स कॉलेज, आर. डी. नेशनल एवं डब्ल्यू. ए. साइंस कॉलेज तथा थडोमल शाहनी इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे संस्थान शामिल हैं. इस निर्णय से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत समन्वय और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
चार महामंडलों में अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी
बैठक में विभिन्न समाजों के विकास के लिए स्थापित चार महामंडलों में अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इनमें परशुराम आर्थिक विकास महामंडल तथा लिंगायत समाज से संबंधित महामंडल भी शामिल हैं. इन संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार 50 करोड़ रुपये का विशेष निधि आवंटित करेगी.
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मंत्रिमंडल के इन फैसलों को राज्य के बुनियादी ढांचे और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सड़क परियोजनाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले सहयोग से परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, जबकि विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों से जुड़े निर्णय उच्च शिक्षा को नई दिशा देंगे. सरकार जल्द ही इन निर्णयों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करेगी.

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