सार्वजनिक स्वच्छता और व्यवस्था का दिया हवाला
मुंबई : आगामी बकरी ईद को लेकर मुंबई के रिहायशी परिसरों, हाउसिंग सोसायटियों और चॉलों में कुर्बानी पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर मुंबई के कई जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन को पत्र लिखकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मुंबई महानगरपालिका ने पहले से ही शहर में धार्मिक विधि के अनुसार कुर्बानी के लिए पर्याप्त अधिकृत बाजारों और स्थानों की व्यवस्था की हुई है, इसलिए रिहायशी परिसरों में इस प्रकार की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
डॉ. किरीट सोमैया ने लिखा पत्र
पूर्व सांसद और भाजपा नेता डॉ. किरीट सोमैया ने बीएमसी प्रशासन को पत्र भेजकर इस विषय पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व में भी कई बार चर्चा और पत्राचार हो चुका है तथा मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है। सोमैया ने कहा कि बीएमसी को स्पष्ट घोषणा करनी चाहिए कि रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, हाउसिंग सोसायटी और चॉलों में बकरों की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं व्यवस्थाओं की कमी है तो मनपा अतिरिक्त अधिकृत व्यवस्था उपलब्ध कराए।
विधायक अतुल भातखलकर, कोटेचा, चौधरी, पराग शाह ने की मांग
बीजेपी पूर्व सांसद मनोज कोटक, विधायक अतुल भातखलकर, मिहिर कोटेचा, मनीषा चौधरी, पराग शाह व बीएमसी में स्थाई समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, सभागृह नेता गणेश कनखर, बाजार एवं उद्यान समिति अध्यक्ष हेतल गाला ने मनपा आयुक्त भूषण गगराणी को पत्र लिखकर कहा है कि मुंबई में 70 से अधिक अधिकृत मार्केट और सैकड़ों दुकानें उपलब्ध हैं, जहां बकरी ईद के दौरान कुर्बानी की जा सकती है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि हाउसिंग सोसायटी, चॉल और रहिवासी संकुलों में कुर्बानी होने पर आवश्यक स्वच्छता और व्यवस्थाएं बनाए रखना महानगरपालिका के लिए संभव नहीं हो पाता।
उन्होंने मांग की कि मनपा प्रशासन सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करे कि किसी भी रहिवासी परिसर, सोसायटी या चॉल में बकरी ईद के नाम पर कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाए।
महापौर ऋतु तावड़े ने भी जताई चिंता
मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने भी मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर इसी प्रकार की मांग की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं के लिए महानगरपालिका ने पर्याप्त अधिकृत स्थान निर्धारित किए हैं, लेकिन रिहायशी परिसरों में कुर्बानी होने से स्वच्छता और नागरिक व्यवस्था प्रभावित होती है। महापौर ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सभी स्तरों पर स्पष्ट निर्देश जारी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सोसायटियों और चॉलों में कुर्बानी की अनुमति न दी जाए।
हाईकोर्ट के निर्देशों का दिया हवाला
पत्रों में मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों और सुनवाई का भी उल्लेख किया गया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि महानगरपालिका ने पहले भी अदालत में यह स्पष्ट किया था कि कुर्बानी के लिए निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही व्यवस्था की जाएगी। इसी आधार पर अब प्रशासन से सख्त और स्पष्ट अमल सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
प्रशासनिक निर्देशों पर टिकी निगाहें
बकरी ईद नजदीक आने के साथ ही इस मुद्दे पर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें बीएमसी प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस संबंध में क्या आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी करता है और उनका पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाएगा।

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