ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं ने तोड़ा खिताब जीतने का सपना
लंदन: आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला टीम का अभियान ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया। लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए करो या मरो मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। हालांकि इस हार के बीच स्टार स्पिनर दीप्ति शर्मा ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। (T20 Women’s World Cup: India out of semi-finals race)
ऑस्ट्रेलिया ने 171 रन का लक्ष्य किया हासिल
ग्रुप ए के अंतिम मुकाबले में भारत ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (Haraman preet Kaur) की 27 गेंदों में 56 रन की तेज पारी तथा स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana)(38) और शेफाली वर्मा (Shefali Sharma) (34) की शानदार शुरुआत की बदौलत 20 ओवर में 170/4 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने एलिस पेरी (56) और एशले गार्डनर (नाबाद 53) की बेहतरीन पारियों के दम पर 19 ओवर में 172/4 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे सफल रन चेज भी बन गया।
सेमीफाइनल की उम्मीदों पर फिरा पानी
भारत को अंतिम चार में जगह बनाने के लिए हर हाल में जीत की जरूरत थी। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने बांग्लादेश को हराकर भारत के लिए चुनौती और कठिन कर दी थी। ऑस्ट्रेलिया से हार के साथ ही भारतीय टीम का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया। (India lost to Australia in the semi-final of the Women’s T20 World Cup)
टूर्नामेंट से बाहर होने के प्रमुख कारण
भारत ने पाकिस्तान, नीदरलैंड और बांग्लादेश को हराया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अहम मुकाबलों में जीत नहीं दर्ज कर सका। पूरे टूर्नामेंट में खराब फील्डिंग, कैच छोड़ने की घटनाएं, मध्यक्रम की अस्थिर बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजों पर अत्यधिक निर्भरता टीम की बड़ी कमजोरियां साबित हुईं।

दीप्ति शर्मा ने बनाया ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड
हार के बावजूद भारत की स्टार स्पिनर दीप्ति शर्मा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बेथ मूनी का विकेट लेकर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। दीप्ति के अब 356 अंतरराष्ट्रीय विकेट हो गए हैं और उन्होंने भारत की महान तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी (355 विकेट) को पीछे छोड़ दिया।
आगे के लिए सीख
भारतीय टीम का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि बड़े टूर्नामेंटों में लगातार सफलता के लिए संतुलित बल्लेबाजी, मजबूत फील्डिंग और विविधतापूर्ण गेंदबाजी आक्रमण पर अधिक काम करने की जरूरत है। शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद टीम सामूहिक रूप से अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच सकी।

