मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वाकांक्षी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की है कि वर्ष 2011 तक के जो आवासीय अतिक्रमण केवल रहने के उद्देश्य से किए गए हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। इस संबंध में शासन आदेश भी जारी कर दिया गया है।
500 वर्ग फुट तक की जमीन बिल्कुल मुफ्त
इस निर्णय के अनुसार, 500 वर्ग फुट तक के आवासीय अतिक्रमण को पूरी तरह नि:शुल्क नियमित किया जाएगा। इससे अधिक क्षेत्र के लिए प्रचलित बाजार मूल्य का केवल दस प्रतिशत कब्जा हक शुल्क के रूप में लिया जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अधिकतम 1500 वर्ग फुट तक के अतिक्रमण नियमित किए जाएंगे। जमीन पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर ‘भोगवटादार वर्ग-2’ के रूप में दी जाएगी। यदि घर का कोई हिस्सा व्यावसायिक उपयोग में है तो बाजार मूल्य का 25 प्रतिशत शुल्क देना होगा।
किसे नहीं मिलेगा लाभ
यह योजना मुंबई शहर और उपनगर में लागू नहीं होगी। इसके अलावा नदी, नाले, सार्वजनिक सड़क, वन, श्मशान भूमि, खेल के मैदान अथवा विद्यालय और अस्पताल के लिए आरक्षित भूमि पर किए गए अतिक्रमण किसी भी स्थिति में नियमित नहीं होंगे। ऐसे प्रभावित परिवारों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसका अतिक्रमण किसी भी हाल में नियमित नहीं किया जाएगा।
विकसित महाराष्ट्र की ओर कदम
‘सबके लिए घर’ नीति और ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लागू करने के लिए जिलाधिकारी, उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित की गई हैं। आवेदन की पात्रता के लिए 1 जनवरी 2011 से पहले के निवास का प्रमाण जैसे मतदाता सूची, बिजली बिल या संपत्ति रसीद मान्य होगी, साथ ही पिछले एक वर्ष का निवास प्रमाण अनिवार्य होगा। राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा, “राज्य में एक भी जरूरतमंद परिवार बिना छत के न रहे, यही सरकार की सोच है। इस फैसले से लाखों परिवारों के जीवन में स्थिरता आएगी और हर तीन महीने में इसकी समीक्षा की जाएगी।”

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version