TCS प्रकरण से शुरू हुई बहस
सोलापुर ITI तक पहुंचा मामला
मुंबई. महाराष्ट्र विधान परिषद में बुधवार को नाशिक के TCS धर्मांतरण प्रकरण को लेकर तीखी बहस हुई. भाजपा विधायक चित्रा वाघ (Chitra Wagh) और शिवसेना विधायक डॉ. मनीषा कायंदे (Dr. Manisha Kayande) ने एक के बाद एक गंभीर मामले सदन के सामने रखे, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadanvis) ने कानून में सुधार के लिए दोनों सदनों की महिला सदस्यों की विशेष समिति गठित करने की घोषणा की.
चित्रा वाघ की आक्रामक मांगें
चित्रा वाघ ने कहा कि अब एयर कंडीशन दफ्तरों में काम करने वाली उच्चशिक्षित महिलाओं को भी धर्म बदलो वरना करियर बर्बाद कर देंगे जैसी धमकियां दी जा रही हैं. POSH जैसा सख्त कानून होने के बावजूद प्रबंधन दोषियों को संरक्षण दे रहा है. उन्होंने मांग की कि दोषियों का चरित्र प्रमाण पत्र स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाए, मामलों में जबरन वसूली जैसी धाराएं जोड़ी जाएं और कॉर्पोरेट क्षेत्र की महिलाओं के लिए 24×7 गोपनीय हेल्पलाइन व ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाए.
सोलापुर ITI और स्पेनिश कंपनी का मामला
डॉ. मनीषा कायंदे ने TCS, विप्रो, SBI और लेंसकार्ट के बाद अब सोलापुर के सरकारी ITI में 150 छात्राओं को धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित किए जाने का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि इन छात्राओं ने उन्हें लिखित शिकायत दी है. इसके साथ ही पुणे के तलेगांव दाभाडे स्थित सीकात्सो इंडिया कंपनी की एक महिला कर्मचारी द्वारा 16 अप्रैल 2026 को दर्ज कराई गई यौन उत्पीड़न शिकायत का मामला भी उठाया, जिसे शिकायत करते ही नौकरी से निकाल दिया गया. डॉ. कायंदे ने POSH अधिनियम 2013 के तहत कंपनी का लाइसेंस रद्द करने और शिकायत करने वाली महिलाओं को पूरी सुरक्षा देने की मांग की.
CM फडणवीस ने बनाई विशेष समिति
मुख्यमंत्री फडणवीस (CM Fadanvis) ने TCS मामले में नौ अपराध दर्ज होने और संबंधित मैनेजर को भी आरोपी बनाए जाने की जानकारी दी. उन्होंने माना कि रात की शिफ्ट और निजी कंपनियों में बढ़ती महिला भागीदारी के मद्देनजर मौजूदा कानून अपर्याप्त हैं. इसलिए दोनों सदनों की महिला सदस्यों की विशेष समिति मौजूदा कानूनों की समीक्षा कर सुझाव देगी और राज्य सरकार उन्हें तत्काल लागू करेगी.

