मुंबई: मालवणी में भू-माफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों द्वारा हिंदू समुदाय पर किए जा रहे अन्याय को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे तत्वों को सरकार और प्रशासन की ओर से कतई बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा. यह बात महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढा ने मालवणी में एक पीड़ित महिला से मुलाकात के बाद कही. मंत्री लोढा ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं और इसके खिलाफ उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा.
अवैध निर्माण से पीड़ित महिला को न्याय का भरोसा
मालवणी के अब्बासिया कंपाउंड में रहने वाली रागिनी रामशंकर चौरसिया नामक महिला के घर से सटकर शौकत हुसैन आबिद हुसैन सैयद द्वारा अवैध निर्माण किया गया था. इस दबंगई के कारण पीड़ित चौरसिया परिवार को अपने ही घर का दरवाजा बंद करने पर मजबूर होना पड़ा. स्थानीय हिंदू संगठनों द्वारा इस मामले में आवाज उठाने के बाद भी आरोपियों ने इसे वैध बताया, लेकिन पुलिस जांच में यह पूरी तरह अवैध साबित हुआ. कैबिनेट मंत्री लोढा ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ित महिला से मुलाकात की और मालवणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
घुसपैठियों और भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण का आरोप
मंत्री लोढा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मालवणी में स्थानीय विधायक और नगरसेवक के आशीर्वाद से ही इन अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नागरिकों पर दबाव बनाकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को यहां आश्रय दिया जा रहा है. विधायक असलम शेख के नगरसेवक पुत्र इस्लाम शेख ने अब्बासिया कंपाउंड में सड़क पर बिना किसी अनुमति के ६ फीट चौड़े और १२ फीट लंबे सीमेंट-ईंट के अवैध निर्माण (छबील) का उद्घाटन किया था, जिसे १४ फीट की ऊंचाई तक बढ़ा दिया गया था. अब इस पर महानगरपालिका और पुलिस द्वारा कड़ी फौजदारी कार्रवाई की जा रही है.
राज्य में कानून का राज, अत्याचार बर्दाश्त नहीं
मंत्री लोढा ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था मजबूत है, वहीं राज्य में मुख्यमंत्री और गृह विभाग के कुशल मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र में हिंदू समुदाय पर कोई भी अत्याचार सहन नहीं किया जाएगा. आरोपियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी कि भविष्य में किसी की भी हिंदू समुदाय पर अन्याय करने की हिम्मत नहीं होगी.

