मुंबई. अपनों के यौन शोषण का शिकार हुई 12, 14 वर्ष की बच्चियों के गर्भवती होने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं लेकिन महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमें एक गर्भस्थ शिशु के पेट में बच्चा होने का खुलासा मेडिकल जांच के दौरान हुआ है. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गर्भस्थ शिशु की 32 वर्षीया मां नियमित जांच के लिए बुलढाणा जिला महिला अस्पताल पहुंची. 8 माह की गर्भवती महिला की डॉक्टरों ने सोनोग्राफी करवाई. रिपोर्ट देखकर डॉक्टर चकित रह गए. जांच में महिला के गर्भस्थ शिशु के पेट में बच्चा होने का खुलासा हुआ.
बुलढाणा से सामने आया यह मामला अजीबोगरीब जरूर है लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भारत के चिकित्सीय इतिहास में 9 बार जबकि दुनिया में लगभग 200 बार हो चुका है. मेडिकल साइंस की भाषा में ऐसी स्थिति को “फिट्स इन फिटो” कहा जाता है. जानकारों का कहना है कि पांच 6 माह की गर्भवती महिला से सेक्स किए जाने के दौरान कई बार गर्भस्थ शिशु के साथ ऐसी दुर्घटना हो जाती है. ऐसे मामलों में, प्रसव के बाद जब नवजात शिशु को उसके गर्भस्थ शिशु के कारण तकलीफ होती है, तो सर्जरी करके नवजात के गर्भ से बच्चे को निकाल लिया जाता है.
क्या होता है “फिट्स इन फिटो”?
“फिट्स इन फिटो” को जन्मजात विकार भी कह सकते हैं. जन्मजात विकारों को अंतर्गर्भाशयी जीवन के दौरान होने वाली संरचनात्मक या क्रियात्मक विसंगतियों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है. इसे जन्म दोष, जन्मजात विसंगतियां या जन्मजात विकृतियां भी कहा जाता है, ये स्थितियां जन्मपूर्व विकसित होती हैं और जन्म से पहले या जन्म के समय, या बाद में जीवन में पहचानी जा सकती हैं.
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