अवैध परिवहन पर भी सख्ती
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने निर्माण कार्यों को गति देने और रेत की उपलब्धता बढ़ाने के लिए परराज्य से आने वाली रेत पर ‘जीरो रॉयल्टी’ नीति लागू करने की घोषणा की है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने विधान परिषद में कहा कि मौजूदा विधानसभा सत्र समाप्त होने से पहले इस संबंध में फैसला लिया जाएगा. इससे नंदुरबार समेत जरूरत वाले जिलों में समय पर रेत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
तापी नदी में सक्शन पंप से निकलेगी रेत
सरकार नंदुरबार जिले की तापी नदी से रेत निकालने के लिए कोंकण की तर्ज पर सक्शन पंप के उपयोग की अनुमति देने की तैयारी कर रही है. मंत्री ने बताया कि पर्यावरण विभाग की मंजूरी और तय सीमा के भीतर ही रेत का उत्खनन किया जाएगा. इससे पूरे वर्ष रेत उपलब्ध कराने में सुविधा होगी.
दूसरे राज्यों से रेत लाने के लिए होगी आधिकारिक प्रक्रिया
राजस्व मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रेत उपलब्ध होने तक गुजरात या अन्य राज्यों से रेत मंगाई जा सकेगी. इसके लिए संबंधित राज्य के जिलाधिकारी की अनुमति और दोनों राज्यों के जिलाधिकारियों के बीच आधिकारिक समन्वय अनिवार्य होगा. रेत का परिवहन केवल दिन के समय किया जाएगा, जबकि रात में परिवहन पर रोक रहेगी. यह व्यवस्था नंदुरबार के अलावा भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और अमरावती जैसे जिलों पर भी लागू होगी.
अवैध परिवहन रोकने के लिए वॉर रूम
सरकार ने बताया कि रेत के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार की रेलटेल कंपनी के माध्यम से ऑनलाइन निगरानी प्रणाली विकसित की गई है. कोंकण संभागीय आयुक्त कार्यालय में राज्य स्तरीय वॉर रूम स्थापित किया गया है, जहां से रेत ढोने वाले प्रत्येक ट्रक की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी. साथ ही ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए भविष्य में परिवहन शुल्क लगाने के कानूनी विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है.
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