मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने राज्य को जल सम्पन्न बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राज्य सरकार और पानी फाउंडेशन मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पानी फाउंडेशन ने राज्य में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है और इसके सहयोग से महाराष्ट्र को पानी से भरपूर बनाने का संकल्प लिया जा सकता है।
सूखे की समस्या कम करने में फाउंडेशन की अहम भूमिका
मंत्रालय में आयोजित एक बैठक में पानी फाउंडेशन के जल संरक्षण कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फाउंडेशन ने राज्य सरकार के साथ मिलकर सूखे की गंभीरता कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाकर महाराष्ट्र को जल संपन्न बनाने में सहयोग करें।
एल नीनो के कारण कम होगी बारिश
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौसम से जुड़ी विभिन्न शोध संस्थाओं ने इस वर्ष एल नीनो के प्रभाव की संभावना जताई है। ऐसे में राज्य में केवल 80 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान मानकर जल संरक्षण और पानी बचाने के कार्यों की योजना बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर इस वर्ष भी किसान और गांवों के लोग पानी के महत्व को समझते हुए सक्रिय रूप से इस अभियान में भाग लेंगे।
सरकारी विभागों को करना होगा समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी फाउंडेशन जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए प्रभावी काम कर रहा है। इसलिए संबंधित सरकारी विभागों को भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस काम को और प्रभावी बनाने के लिए मिट्टी और जल संरक्षण विभाग को भी इसमें शामिल किया जाए और एक पूरक व्यवस्था (सप्लीमेंट्री मैकेनिज्म) तैयार की जाए।
क्वालिटी बनाए रखने के लिए कंट्रोल और वेरिफिकेशन सिस्टम
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फाउंडेशन के माध्यम से किए जा रहे काम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक नियंत्रण और सत्यापन प्रणाली विकसित करना जरूरी है। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग के उमेद अभियान से जुड़े कृषि सहायकों और कर्मचारियों को शामिल कर एक मजबूत व्यवस्था बनाई जा सकती है।
हजारों अधिकारी और किसान अभियान से जुड़े
बैठक में पानी फाउंडेशन के सीईओ सत्यजीत भटकल ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि फाउंडेशन ने जल संरक्षण अभियान के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। राज्य में 13,121 सरकारी अधिकारियों ने वॉलंटियर के रूप में मेंटर बनने के लिए पंजीकरण कराया है। 16,260 किसानों ने फार्मर्स कप रेजिडेंशियल ट्रेनिंग में भाग लिया है। इनमें 57.56 प्रतिशत महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा 11,095 प्रतिभागियों ने भी कार्यक्रम के लिए पंजीकरण किया है।
कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस बैठक में कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास चंद्र रस्तोगी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ दावले, नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के निदेशक परिमल सिंह, पानी फाउंडेशन के संस्थापक आमिर खान, किरण राव, सीईओ सत्यजीत भटकल, अमित चंद्रा और विलास शिंदे सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। तो वहीं कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति और कृषि विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version