मुंबई. महाराष्ट्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्ववाली महायुति सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है. इन्हीं में एक है ‘महालक्ष्मी सरस’ योजना. योजना के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ‘महालक्ष्मी सरस’ एक अत्यंत लोकप्रिय पहल बन गई है. राज्य भर के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में 10 जिलों में 10 मॉल स्थापित किए जाएंगे. धीरे-धीरे, पूरे राज्य में ‘उमेद मॉल’ स्थापित किए जाएंगे. इसके साथ ही सरकार ने आगामी वर्षों में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य भी रखा है. मुंबई के बांद्रा-पूर्व स्थित बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग के अंतर्गत उमेद – महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान (एमएसआरएलएम) द्वारा 11 से 23 फरवरी तक आयोजित “महालक्ष्मी सरस विक्रय एवं प्रदर्शनी – 2025” के उद्घाटन समारोह में उन्होंने घोषणा की कि फिलहाल महाराष्ट्र में 18 लाख लखपति दीदी हैं और मार्च तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचाई जाएगी. इस कार्यक्रम में ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, राज्य मंत्री योगेश कदम, प्रधान सचिव एकनाथ डवले, ‘उमेद’ के सीईओ निलेश सागर, सीओओ परमेश्वर राऊत सहित राज्यभर से हजारों महिला बचत गटों की सदस्य महिलाएं उपस्थित थीं.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ‘महालक्ष्मी सरस’ पिछले 21 वर्षों से लगातार जारी एक सफल पहल है। ‘उमेद’ अभियान ने महिला स्वयं सहायता समूहों को एक मजबूत विपणन मंच प्रदान किया है. इन समूहों द्वारा उत्पादित सामान बेहद उच्च गुणवत्ता के होते हैं, लेकिन उनकी बिक्री के लिए सुनियोजित विपणन रणनीतियों की आवश्यकता होती है. इसलिए, हर जिले में जिला परिषद परिसर में ‘उमेद मॉल’ स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए आगामी राज्य बजट में प्रावधान किया जाएगा.
उत्पादों की तारीफ
सीएम फडणवीस ने कहा कि एसएचजी उत्पाद निजी कंपनियों के उत्पादों से अधिक गुणवत्ता वाले होते हैं और सस्ते दरों पर उपलब्ध होते हैं. ‘उमेद’ के तहत 60 लाख से अधिक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत जिन महिलाओं की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक होती है, उन्हें ‘लखपति दीदी’ कहा जाता है. वर्तमान में महाराष्ट्र में 11 लाख से अधिक लखपति दीदी हैं. जल्द ही यह संख्या 25 लाख तक पहुंचाई जाएगी और लक्ष्य 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का है.
गोरे-कदम ने की सराहना
ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने कहा कि सरकार महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है. महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में मॉल स्थापित किए जाएंगे और तालुका स्तर पर भी बिक्री केंद्र खोले जाएंगे. इसके अलावा एसएचजी महिलाओं के लिए व्यक्तिगत ऋण देने की योजना पर भी विचार किया जाएगा. ग्राम विकास राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि ‘महिला सरस’ को पूरे राज्य से उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है. इस प्रदर्शनी में 479 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 25% अन्य राज्यों से हैं. उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि मुंबईकरों को इस प्रदर्शनी का दौरा कर ग्रामीण कारीगरी, कला, और उत्पादों का अनुभव लेना चाहिए.
प्रदर्शनी की अवधि: 11 फरवरी – 23 फरवरी
इस प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, लकड़ी की कला, बंजारा और वारली कला, आभूषण, लकड़ी के खिलौने और विभिन्न राज्यों के दुर्लभ उत्पाद उपलब्ध होंगे। कुल 500+ स्टॉल, जिनमें 90 फूड स्टॉल शामिल हैं, लगाए गए हैं.

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