ठाणे. ठग बिल्डरों और भ्रष्ट अधिकारियों का पाप मुंबई से सटे ठाणे जिले के डोंबिवली इलाके में रहनेवाले लगभग साढ़े 6 हजार परिवारों को भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि ये परिवार, बिल्डरों द्वारा फर्जी दस्तावेजों की मदद से कब्जा की गई जमीन पर भ्रष्ट अधिकारियों एवं नेताओं के आशीर्वाद से बनाई गई इमारतों में रह रहे थे. हाइकोर्ट ने डोंबिवली में ऐसी ही 65 अवैध इमारतों को ढहाने का आदेश दे दिया है. इससे निवासियों में हड़कंप मच गया है.
डोंबिवली में बिल्डरों ने साठगांठ से लगभग 75 से अधिक इमारतों का निर्माण और उन इमारतों के करीब साढ़े सात हजार मकान ग्राहकों को बेच दिए. लेकिन बाद में इन इमारतों के अवैध होने की जानकारी सामने आई तो निवासियों में हड़कंप मच गया. आरक्षित भूखंड पर बनाई गई इन इमारतों में से एलिट टॉवर, द्रौपदी हाइट्स, विनायक सृष्टि, मनुस्मृति अपार्टमेंट, शांताराम आर्केड, डीएचपी गैलेक्सी, गांवदेवी हाइट्स, शिवसाई बालाजी बिल्टकॉन, साइन एनक्लेव सहित कई अन्य अवैध इमारतों के निवासियों ने अपनी इमारत को नियमित करने के लिए नगर निगम में आवेदन किया था. तो वहीं कारवाई रोकने के लिए हाई कोर्ट में भी याचिका भी दायर की गई है.
हाथ लगी निराशा
कोर्ट में की गई याचिका में याचिकाकर्ताओं इमारतों को नियमित करने के लिए किए गए आवेदनों पर नगर निगम का फैसला आने तक अंतरिम राहत की मांग की है. निवासियों ने बिल्डरों, सरकारी अधिकारियों की साठगांठ से होने का आरोप लगाये हुए ये मांग भी की है कि संबंधित बिल्डरों, अधिकारियों एवं नेताओं की संपत्ति बेच कर पैसा वसूला जाए और प्रभावित परिवारों को दिया जाए. लेकिन इन मांगों से संबंधित गैलेक्सी इमारत की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट के इस फैसले से शेष इमारतों को भी राहत नहीं मिलने के संकेत मिल गए हैं. अर्थात डोंबिवली के उक्त परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है. फिलहाल कुछ निवासी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में लगे हैं.
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