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अगले 4-5 महीने में देश में बड़ी गड़बड़ी होगी: राज ठाकरे

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बोले- चुनाव में पारदर्शिता जरूरी
लोकतंत्र पर उठाए सवाल

मुंबई. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (Maharashtra Navnirman Sena) के प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने देश की मौजूदा राजनीतिक और लोकतांत्रिक स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले चार से पांच महीनों में देश में कुछ बड़ी गड़बड़ी हो सकती है और हालात बिगड़ने पर उन्हें आश्चर्य नहीं होगा, भले ही देश की जनता सड़कों पर उतर आए। मुंबई प्रेस क्लब (Mumbai Press Club) में आयोजित ‘डांस ऑफ डेमोक्रेसी’ (Dance of Democracy) छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल, लोकतंत्र, सरकार, पुलिस कार्रवाई और न्यायपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
राज ठाकरे ने कहा कि वह वर्ष 2018 से ही चुनाव बैलेट पेपर (Ballot Paper) के जरिए कराने की मांग कर रहे हैं। अब लोगों को समझ में आने लगा है कि वह लगातार यह मांग क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होने चाहिए। दुनिया के कई देशों में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाते हैं, तो भारत में मशीनों के इस्तेमाल पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh), श्रीलंका (Sri Lanka) और नेपाल (Nepal) का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं। उन्होंने फ्रांस (France) का उदाहरण देते हुए भी चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की बात कही। ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में संदेह बढ़ रहा है और इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
‘देश में लोकतंत्र कहां रह गया’
राज ठाकरे ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) पर छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया और सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में देश में लोकतंत्र कहां रह गया है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई बातें सामने आएंगी, जिन्हें सरकार के लिए स्वीकार करना मुश्किल होगा। ठाकरे ने अमेरिका (United States) की लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की व्यवस्था में अलग तरह की स्वतंत्रता दिखाई देती है, जबकि भारत में मौजूदा हालात को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा, आरएसएस और फिल्मों पर भी निशाना
राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के कारण भाजपा सत्ता में आई थी, न कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कारण।
उन्होंने उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) से संबंधित डॉक्यूमेंट्री (Documentary) को हटाने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया। साथ ही सवाल किया कि दर्शकों को केवल भाजपा का समर्थन करने वाली फिल्मों को ही क्यों देखना चाहिए। उन्होंने न्यायपालिका से भी अपील की कि वह अपने फैसलों और उनके व्यापक प्रभावों पर ध्यान दे।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में आरोपियों को राहत मिलती है, जबकि अन्य मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी परिस्थितियां लोगों के भीतर नाराजगी बढ़ा रही हैं और आने वाले समय में यह असंतोष खुलकर सामने आ सकता है।
सरकार कर रही लगातार गलतियां
राज ठाकरे ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) का उल्लेख करते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई और बातें सामने आएंगी और सरकार से गलतियां होती रहेंगी।
उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन में उनका गुस्सा दिखाई दिया है। ठाकरे के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया, सरकारी फैसलों और पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों में बढ़ती नाराजगी आगे चलकर राजनीतिक और सामाजिक हालात को और तनावपूर्ण बना सकती है।

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