मुंबई क्राइम ब्रांच ने तीन दिन में कराया था मुक्त
मुंबई : मुंबई (Mumbai) क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने वर्ष 2018 में 13 वर्षीय बच्चे के अपहरण और फिरौती के मामले में आरोपियों को दोषी ठहराए जाने में सफलता हासिल की है। अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए फैसले में आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक से तीन साल तक की सजा और कुल 3,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
घर लौटते समय हुआ था अपहरण
पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2018 को 13 वर्षीय बच्चा अकेले घर लौट रहा था। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। परिजनों की शिकायत पर कुर्ला (Kurla) स्थित विनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन (Vinoba Bhave Nagar Police Station) में भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-4 को सौंप दी गई थी।
तीन दिन में बच्चे को कराया मुक्त
क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान 6 अगस्त 2018 को पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर अपहृत बच्चे को सुरक्षित मुक्त करा लिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा
अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 को आरोपियों को धारा 328 के तहत तीन साल, धारा 363 और 324 के तहत दो-दो साल तथा धारा 343 के तहत एक साल की सजा सुनाई। इसके अलावा 3,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती (Deven Bharti), संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे (Anil Kumbhare), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय (Krishnakant Upadhyay), पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन (Raj Tilak Roushan) और सहायक पुलिस आयुक्त सदानंद राणे (Sadanand Rane) के मार्गदर्शन में की गई। जांच और पैरवी में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन कुंभार (Nitin Kumbhar), सहायक पुलिस निरीक्षक अजय बिराजदार (Ajay Birajdar) और पुलिस कांस्टेबल सुरेखा पाटील (Surekha Patil) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिरौती के लिए किया था 13 वर्षीय बच्चे का अपहरण : आठ साल पुराने मामले में 5 को सजा
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