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त्र्यंबकेश्वर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया धर्मध्वजारोहण : सिंहस्थ कुंभ पर्व का मंगलारंभ

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नासिक : त्र्यंबकेश्वर (Trimbakeshwar) में पवित्र कुशावर्त तीर्थ (Kushavarta Tirth) पर गोदावरी (Godavari) नदी के सान्निध्य में, मंत्रोच्चार, शंखनाद और साधु-संतों की उपस्थिति के बीच आज सिंहस्थ कुंभ मेले के धर्मध्वजारोहण का मंगलमय समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और शृंगेरी पीठ (Sringeri Peeth) के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती (Vidhushekhara Bharati) प्रमुख रूप से उपस्थित थे और इस धर्मध्वजारोहण के साथ सिंहस्थ कुंभ पर्व का विधिवत शुभारंभ हुआ है।
गोदावरी पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) आज सुबह कुशावर्त तीर्थ (Kushavarta Tirth) पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थित साधु-संतों का स्वागत किया और इसके पश्चात शृंगेरी पीठ (Sringeri Peeth) के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती (Vidhushekhara Bharati) का भी स्वागत किया गया। समारोह के प्रारंभ में पवित्र गोदावरी (Godavari) नदी का विधिवत पूजन किया गया और पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ गोदावरी की स्तुति कर संकल्प विधि संपन्न की, जिसमें सभी प्राणिमात्र के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की गई। गणेश पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का प्रारंभ हुआ ताकि सिंहस्थ कुंभ मेले के सभी धार्मिक विधि-विधान और आयोजन निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सकें।
प्रमुख गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य समारोह में विधायक हिरामण खोसकर (Hiraman Khoskar), त्र्यंबकेश्वर (Trimbakeshwar) की नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार (Triveni Tungar), विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय ऐनपुरे (Sanjay Ainpure), जिलाधिकारी आयुष प्रसाद (Ayush Prasad), मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार (Omkar Pawar), पुलिस अधीक्षक डॉ. एस. स्वामी (Dr. S. Swami), उपविभागीय अधिकारी पवनदत्ता (Pawandutta), तहसीलदार गणेश जाधव (Ganesh Jadhav), मुख्याधिकारी गोविंद जाधव (Govind Jadhav), अमोल चौधरी (Amol Chaudhary) सहित विभिन्न संत-महंत उपस्थित थे।
धर्मध्वज स्तंभ और धर्मध्वज का विधिवत पूजन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के हाथों ध्वजस्तंभ का पूजन किया गया और इसके पश्चात धर्मध्वज तथा ध्वज-पताका का विधिवत पूजन संपन्न हुआ। जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती (Vidhushekhara Bharati) ने भी धर्मध्वज का पूजन किया, जिसका सिंहस्थ पर्व की ज्योतिषीय परंपरा में विशेष महत्व है क्योंकि बृहस्पति का सिंह राशि में प्रवेश सिंहस्थ कुंभ मेले की ज्योतिषीय पृष्ठभूमि तय करता है।
सिंहस्थ धर्मध्वज पर अंकित शुभ प्रतीकों का महत्व
सिंहस्थ धर्मध्वज पर सूर्य, चंद्रमा, बृहस्पति, सिंह, मगरमच्छ, ॐकार, स्वस्तिक और घंटी सहित विभिन्न धार्मिक एवं ज्योतिषीय प्रतीक अंकित हैं। इनमें से सूर्य और चंद्रमा के प्रतीकों को अमृत कुंभ की रक्षा से संबंधित माना गया है, जबकि बृहस्पति और सिंह के प्रतीक सिंहस्थ की ज्योतिषीय कालगणना से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, मगरमच्छ गोदावरी (Godavari) की तीर्थ परंपरा का प्रतीक है तथा ॐकार और स्वस्तिक के चिह्न आध्यात्मिकता, मंगल और कल्याण का संदेश देते हैं।

शंखनाद, मंत्रोच्चार और जयघोष के बीच धर्मध्वजारोहण
धर्मध्वज पूजन के पश्चात शंखनाद के साथ ध्वज की आरती की गई और जगद्गुरु शंकराचार्य तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने धर्मध्वज की परिक्रमा कर भगवान त्र्यंबकेश्वर से प्रार्थना की। पुरोहितों के मंत्रोच्चार, शंखनाद और धार्मिक जयघोष के बीच उत्साहपूर्ण एवं मंगलमय वातावरण में यह धर्मध्वजारोहण समारोह संपन्न हुआ और इसके पश्चात पवित्र गोदावरी (Godavari) नदी की आरती की गई।

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