मुंबई. पुणे-मुंबई हाईवे से पश्चिम महाराष्ट्र जाने वाले हजारों यात्रियों से खासगी ट्रॅव्हल्स (Private Travels) चालकों और कुछ होटल-ढाबा संचालकों की कथित सांठगांठ से अधिक दाम वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। रुग्ण हक्क परिषद (Rugna Hakka Parishad) के मंत्रालयीन सचिव एस. मुलाणी (S. Mulani) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) मंत्री नरहरी झिरवाळ (Narhari Zirwal) को लिखित निवेदन देकर इसकी गहन जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। निवेदन पर मंत्री कार्यालय ने 5 नवंबर 2026 को आयुक्त को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
रात में यात्रियों की मजबूरी
मुंबई से पुणे (Pune), सातारा (Satara), सांगली (Sangli), कोल्हापुर (Kolhapur) और सोलापुर (Solapur) जाने वाली निजी बसें रात 10 से 1 बजे के बीच तय होटलों और ढाबों पर रोकी जाती हैं। निवेदन के अनुसार कुछ जगहों पर रोज करीब 30 से 35 बसें रुकती हैं। रात में दूसरा विकल्प न होने का फायदा उठाकर खाने-पीने की चीजों के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
कमीशन का संदेह
निवेदन में बस चालकों और होटल संचालकों के बीच कमीशन के आधार पर सांठगांठ का संदेह जताया गया है। बसें खास होटलों पर ही क्यों रुकती हैं और यात्रियों को दूसरी जगह उतरने का मौका क्यों नहीं मिलता, इसकी निष्पक्ष जांच मांगी गई है। खाने की गुणवत्ता, रसोई की सफाई, पीने के पानी और भंडारण को लेकर भी गंभीर शिकायतें बताई गई हैं। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और लंबी दूरी के यात्रियों की सेहत के लिहाज से इनकी तुरंत पड़ताल जरूरी बताई गई है।

जांच और कार्रवाई की मांग
मुलाणी ने खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा लाइसेंस का सत्यापन, मूल्य सूची और बिलिंग की पड़ताल तथा संदिग्ध लेन-देन की जांच मांगी है। उन्होंने परिवहन विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और जिला प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाने को कहा है। दोषियों पर जुर्माने के साथ लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की भी मांग है। आयुक्त तुकाराम मुंडे (Tukaram Mundhe) के आदेश के बाद ही साफ होगा कि कितनी जगह जांच हुई और कितनों पर कार्रवाई हुई। मुलाणी ने कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।