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रेल पटरी किनारे बसे झोपड़ीधारकों के पुनर्वास पर जोर : SRA को डीपीआर सौंपने का निर्देश

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कुर्ला-ट्रॉम्बे में रेल पटरी किनारे बसे झोपड़ीधारकों के पुनर्वास पर शिंदे का निर्देश
मुंबई: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कुर्ला-ट्रॉम्बे (Kurla-Trombay) परिसर में वर्षों से रेल पटरी किनारे रह रहे झोपड़ीधारकों के पुनर्वास के लिए झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) को विस्तृत प्रकल्प रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपने के निर्देश दिए हैं। शिंदे ने गुरुवार, 5 नवंबर को मुंबई में यह निर्देश दिया। रेल प्रशासन की नोटिस के बाद इन परिवारों में बेचैनी है, इसलिए पुनर्वास की ठोस योजना तैयार करने को प्राथमिकता दी गई है।
सह्याद्री अतिथि गृह में हुई बैठक
शिंदे ने चेंबूर (Chembur), कुर्ला (Kurla) और चांदिवली (Chandivali) विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न मुद्दों पर सह्याद्री अतिथि गृह (Sahyadri Guest House) में बैठक की। बैठक में संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा कर नागरिकों को राहत देने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिए गए। बैठक में पूर्व सांसद प्रकाश आंबेडकर (Prakash Ambedkar), पूर्व सांसद राहुल शेवाले (Rahul Shewale), विधायक तुकाराम काते (Tukaram Kate), विधायक दिलीप लांडे (Dilip Lande), विधायक मंगेश कुडालकर (Mangesh Kudalkar) और सुजात आंबेडकर (Sujat Ambedkar) उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव नवीन सोना (Naveen Sona), मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार (Saurabh Katiyar), SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर (Mahendra Kalyankar), बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे (Dr. Avinash Dhakne), एमएमआरडीए (MMRDA) और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
रेल मंत्री से किया संपर्क
बैठक में कुर्ला-ट्रॉम्बे परिसर के चिखलवाड़ी (Chikhalwadi), आरसीएफ-प्रियदर्शनी (RCF-Priyadarshani) से माहुल (Mahul) तक रेल पटरी के किनारे रह रहे झोपड़ीधारकों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया गया। इस पर शिंदे ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) से संपर्क किया। उन्होंने पूरी स्थिति की जानकारी देते हुए वैष्णव से इस मामले में ध्यान देने का अनुरोध किया।
कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए समन्वय के निर्देश
शिंदे ने कहा कि रेल प्रशासन की नोटिस से कई वर्षों से रह रहे झोपड़ीधारकों में असंतोष है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी कार्रवाई से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो, इसके लिए SRA बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर पुनर्वास का डीपीआर प्रस्तुत करे।
मनपाकर्मियों की आवासीय सोसायटियों के पुनर्विकास पर चर्चा
बैठक में खारदेव नगर (Khardev Nagar) में मुंबई महानगरपालिका कर्मचारियों की एक मंजिला पत्रा चाल कॉलोनी का SRA के माध्यम से पुनर्विकास करने सहित अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। चेंबूर विधानसभा क्षेत्र में महानगरपालिका कर्मचारियों की आवासीय सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के पुनर्विकास का विषय भी रखा गया। शिंदे ने स्पष्ट किया कि इन संस्थाओं के पुनर्विकास पर लगने वाले प्रीमियम को लेकर नई नीति लागू करने पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लाभ रोकने का मुद्दा
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी मनपा के आवास खाली न करने के कारण कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आर्थिक लाभ और पेंशन रोक दिए गए हैं। इस पर शिंदे ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पूरी राशि रोकना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बच्चे अनुकंपा के आधार पर मनपा में नौकरी में लगे हैं, इसलिए उनके लिए तुरंत घर खाली करना संभव नहीं होता। उन्होंने मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर प्राथमिकता से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
म्हाडा कॉलोनियों में मलनिस्सारण की समस्या
कुर्ला विधानसभा क्षेत्र की नेहरू नगर (Nehru Nagar), तिलक नगर (Tilak Nagar), सहकार नगर (Sahakar Nagar) और नवीन तिलक नगर (Naveen Tilak Nagar) म्हाडा (MHADA) कॉलोनियों में मलनिस्सारण लाइनों की समस्याओं पर बैठक में चर्चा हुई। शिंदे ने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा साबले नगर (Sable Nagar), क्रांति नगर (Kranti Nagar) और संतोषी माता नगर (Santoshi Mata Nagar) में रेल पटरी से सटी झोपड़ियों तथा बर्मा शेल लाइन (Burma Shell Line) पर रेल परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास का विषय भी रखा गया। प्रभावितों के पुनर्वास और उन्हें राहत देने के संदर्भ में इन मुद्दों पर चर्चा हुई।
चांदिवली की लंबित समस्याएं
विधायक दिलीप लांडे (Dilip Lande) ने चांदिवली विधानसभा क्षेत्र की लंबित नागरिक समस्याएं रखीं। उन्होंने साकीनाका पुलिस थाने (Sakinaka Police Station) की नई इमारत के लिए महानगरपालिका का आरक्षित भूखंड उपलब्ध कराने, पहाड़ी ढलानों और तलहटी में बसी खतरनाक बस्तियों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास करने तथा साकीनाका परिसर के हरित पट्टे को आवासीय क्षेत्र में शामिल करने का मुद्दा उठाया। नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए शिंदे ने इन मुद्दों का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए।

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