प्रेम जाल में फंसा एक खौफनाक सच
मुंबई : गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के धांगध्रा इलाके में पिछले साल अक्टूबर महीने में एक नहर में शांतीगिरी गोस्वामी नाम के व्यक्ति का संदिग्ध शव मिला था। उस वक्त स्थानीय पुलिस ने इसे आकस्मिक मौत मानकर मामला बंद कर दिया था। लेकिन करीब दो महीने पहले अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को गुप्त सूत्रों से यह अहम जानकारी मिली कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित और ठंडे दिमाग से साजिश रच कर की गई हत्या थी। इसके बाद दो पीएसआई और 10 पुलिसकर्मियों की टीम ने दो महीने तक लगातार दिन-रात काम कर इस मामले की एक-एक कड़ी जोड़ी और अंततः शांतीगिरी की 50 वर्षीय पत्नी जागृति गोस्वामी और उसके 54 वर्षीय प्रेमी कांतीलाल उर्फ भरत साबरिया को गिरफ्तार कर इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश किया।
पहले पति को छोड़ा, देवर के साथ भागी
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के ACP भरत पटेल ने मीडिया के सामने इस मर्डर मिस्ट्री के जो चौंकाने वाले खुलासे किए, उन्होंने सबको हिलाकर रख दिया। आरोपी महिला जागृति की पहली शादी सुखदेवगिरी गोस्वामी से हुई थी, जिससे उसके दो बच्चे भी हैं। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद जागृति अपने पति के बड़े भाई यानी देवर शांतीगिरी पर मोहित हो गई। दोनों के बीच अनैतिक संबंध इस हद तक बढ़ गए कि जागृति अपने दोनों छोटे बच्चों और पहले पति को छोड़कर देवर शांतीगिरी के साथ फरार हो गई। बाद में दोनों ने शादी कर ली और दूसरे गांव में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
तीसरे प्रेमी के जाल में फंसी जागृति
शांतीगिरी पेशे से ट्रक ड्राइवर था और हर बार माल लेकर निकलने पर करीब 20 से 25 दिन बाद ही घर लौटता था। पति की इसी लंबी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर जागृति पड़ोस में रहने वाले कांतीलाल उर्फ भरत साबरिया के प्रेम में पड़ गई। कांतीलाल इस कदर दीवाना था कि उसने जानबूझकर शांतीगिरी से दोस्ती गांठी और उनके घर के करीब ही एक कमरा किराए पर ले लिया। जैसे ही शांतीगिरी घर से निकलता, दोनों खुलेआम मिलने लगते और अनैतिक संबंध चलते रहते।
सुपारी किलर ने दिया धोखा दिया
जब भी शांतीगिरी ट्रक फेरी से घर लौटता, वह जागृति और कांतीलाल के रिश्ते में रोड़ा बन जाता था। इसी से तंग आकर दोनों ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा। पहले कांतीलाल और जागृति ने यूनिस नाम के एक शख्स को 25 हजार रुपए की सुपारी देकर हत्या करवाने की कोशिश की। यूनिस एक रात शांतीगिरी के कमरे में घुसा जरूर, लेकिन सोते हुए शांतीगिरी को देख उसकी हिम्मत नहीं हुई। चालाक यूनिस ने सोते शांतीगिरी की फोटो खींचकर जागृति को भेज दी और काम हो गया का झूठा संदेश देकर 25 हजार रुपए ले भागा। अगली सुबह जब जागृति ने पति को चाय पीते देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद दोनों प्रेमियों ने खुद ही हत्या करने का फैसला किया और मौका मिलते ही घर में ही शांतीगिरी पर हमला बोल दिया।
तकिए और गला दबाकर की हत्या
एसीपी भरत पटेल के अनुसार, हत्या के वक्त कांतीलाल ने पूरी ताकत से शांतीगिरी का गला दबाया जबकि पत्नी जागृति ने बिस्तर की तकिया उठाकर तब तक उसका मुंह और नाक दबाए रखा, जब तक शांतीगिरी की सांसें पूरी तरह बंद नहीं हो गईं। हत्या के बाद दोनों बेहद डर गए और उन्होंने शव को पलंग के पीछे छिपा दिया।
चौथे आशिक ने नहर में फेंकी लाश
शव को ठिकाने लगाने के लिए जागृति ने बिना देर किए अपने चौथे आशिक दीपक उर्फ मुन्ना को फोन किया। दीपक जागृति के लिए कुछ भी करने को तैयार था, सो वह एक दोस्त की कार लेकर पहुंच गया। इसके बाद जागृति, कांतीलाल और दीपक तीनों ने मिलकर शव को कार में डाला और उसे धांगध्रा की नहर में फेंक दिया ताकि यह हादसा लगे। हत्या के बाद पर्दा डालने के लिए दोनों ने गांव में यह अफवाह फैला दी कि शांतीगिरी को कहीं दूर अच्छी नौकरी मिल गई है और वह कुछ महीनों बाद लौटेगा।
कांड की सबसे चौंकाने वाली बात
पूरे षड्यंत्र का भंडाफोड़ होने के बाद क्राइम ब्रांच ने जागृति और कांतीलाल दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों की कस्टडी सुरेंद्रनगर पुलिस को सौंपी जाएगी। शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले चौथे आशिक दीपक उर्फ मुन्ना पर भी सुरेंद्रनगर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जागृति का पहला पति सुखदेवगिरी आज भी अपने दो बच्चों के साथ-साथ जागृति और मृत शांतीगिरी से पैदा हुए तीसरे बच्चे की भी अकेले परवरिश कर रहा है।

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