मुंबई : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपना 78वां स्थापना दिवस मनाया, जिसे राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाने की परंपरा है। इस अवसर पर मुंबई महानगर के 100 से अधिक महाविद्यालयों में उत्साहपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विभिन्न महाविद्यालयों में आयोजन: एम.डी. महाविद्यालय (परळ), रुइया, पोतदार, रूपारेल, कीर्ति, सोमैया (विद्याविहार), विवेकानंद (चेंबूर), झुनझुनवाला (घाटकोपर), मिठीबाई, चेतना (बांद्रा और सांताक्रूज़), ठाकुर (कांदिवली), साठे-डहाणू (विले पार्ले), सायन आयुर्वेदिक, पोतदार आयुर्वेदिक (दादर), एस.आई.एस. (सायन), एम.सी.सी. और वझे-केnकर (मुलुंड), एस.एन. (मीरा-भाईंदर) तथा मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर सहित अनेक संस्थानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियां
“आज का विद्यार्थी – आज का नागरिक” विषय पर व्याख्यान आयोजित किए गए, जिनमें राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई, तथा महाविद्यालयों के बाहर नामफलक का अनावरण किया गया। ढोल-ताशों की गूंज के बीच विद्यार्थियों का स्वागत किया गया और उन्हें बुकमार्क एवं चॉकलेट वितरित की गईं।
अभाविप का संकल्प: परिषद ने कहा कि वह “ज्ञान, शील, एकता” के ध्येय वाक्य के साथ छात्रहित, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए कार्यरत है। आगामी आठ दिनों तक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न छात्र-केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। परिषद ने विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण हेतु निरंतर कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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