अब कुल 46 विभाग होंगे कार्यरत
महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग से सूचना एवं जनसंपर्क तथा राजशिष्टाचार को अलग कर दो स्वतंत्र विभाग बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके बाद राज्य के प्रशासनिक विभागों की कुल संख्या बढ़कर 46 हो गई है।
मंत्रालय के विभिन्न विभागों के कामकाज में अधिक सुसूत्रता लाने के लिए राज्य सरकार ने पहले 33 प्रशासनिक विभागों का पुनर्गठन कर उन्हें 45 विभागों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया था। अब सामान्य प्रशासन विभाग से सूचना एवं जनसंपर्क तथा राजशिष्टाचार को अलग स्वतंत्र विभाग का दर्जा मिलने के बाद राज्य में कुल 46 प्रशासनिक विभाग कार्यरत होंगे।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की भूमिका होगी और मजबूत
वर्तमान में सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत कार्य करता है। यह विभाग राज्य सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित कार्यक्रमों की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने के साथ मीडिया और प्रशासन के बीच संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी है। राज्य में इसके सात संभागीय कार्यालय, नागपुर में निदेशक कार्यालय, नई दिल्ली और गोवा के पणजी में महाराष्ट्र परिचय केंद्र तथा सभी जिलों में जिला सूचना कार्यालय कार्यरत हैं। आपदा, आपातकालीन परिस्थितियों और विभिन्न पर्व-त्योहारों के समय भी यह विभाग प्रशासन, मीडिया और नागरिकों के बीच समन्वय और संवाद का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
विभागों के पुनर्गठन से बढ़ेगी कार्यक्षमता
सरकार का मानना है कि नए विभागों के गठन और प्रशासनिक पुनर्गठन से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और कामकाज अधिक व्यवस्थित होगा। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति मिलेगी।
कई विभागों का किया गया पुनर्विभाजन
सरकार ने कृषि एवं पदुम विभाग को अलग कर कृषि और पदुम विभाग बनाया है। सहकार, विपणन एवं वस्त्रोद्योग विभाग को तीन अलग-अलग विभागों में विभाजित किया गया है। गृह विभाग से स्वतंत्र परिवहन विभाग बनाया गया है। इसके अलावा उद्योग, ऊर्जा, श्रम एवं खनिकर्म विभाग को तीन अलग विभागों में, राजस्व एवं वन विभाग को राजस्व, राहत एवं पुनर्वास तथा वन विभाग में विभाजित किया गया है। विद्यालयी शिक्षा एवं क्रीड़ा, पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य तथा अन्य विभागों का भी पुनर्गठन किया गया है। साथ ही रोजगार गारंटी योजना विभाग को योजना विभाग से हटाकर मृदा एवं जल संरक्षण विभाग में शामिल किया जाएगा।

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