मुंबई में संयुक्त बैठक
मुंबई. आंबेडकरवादी और चर्मकार समाज ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों में प्रस्तावित उपवर्गीकरण के खिलाफ मुंबई में एकजुट होकर तीव्र विरोध दर्ज कराया है। पपाणी फाउंडेशन के तत्वावधान में गठित आरक्षण उपवर्गीकरण पुनर्विलोकन समिति, महाराष्ट्र राज्य द्वारा मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया गया.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का गलत अर्थ
बैठक में बोलते हुए नेताओं ने स्पष्ट कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने उपवर्गीकरण लागू करने का कोई आदेश नहीं दिया. सरकार जानबूझकर उस फैसले का गलत अर्थ निकालकर दलित समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही है. महाराष्ट्र की दलित समाज की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति अन्य राज्यों से बिल्कुल अलग है, इसलिए अन्य राज्यों के मानदंड यहां लागू नहीं होते.
मुख्यमंत्री से पुनर्विचार की मांग
समिति की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की गई. इस मांग पर हस्ताक्षर करनेवालों में माजी आमदार बाबूराव माने, राहुल डंबाले, एड. संदीप कटके, दिव्याताई ढोले, मयूर कांबले, प्रतिक कांबले, राहुल नागटिलक और संजय भालेराव प्रमुख रूप से शामिल हैं.
30 जून को आजाद मैदान पर महाआंदोलन
30 जून को आजाद मैदान, मुंबई में बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा. समिति ने राज्यभर के सभी वंचित घटकों से इस आंदोलन में बड़ी संख्या में सहभागी होने का आवाहन किया है, ताकि उपवर्गीकरण के इस निर्णय को पलटने के लिए एक व्यापक और निर्णायक लड़ाई खड़ी की जा सके.

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