परिवार के सभी सदस्यों की मौत
7 दिन का अवकाश 40 दिन का शोक घोषित

मुंबई: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी हलचल मच गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि हालिया अमेरिकी-इज़रायली हमलों में खामेनेई की मौत हो गई है। इस दावे के बाद दुनिया भर की निगाहें ईरान पर टिक गईं। बाद में ईरान की ओर से भी खबरों की कर दी गई। ट्रम्प के बयान के कुछ ही घंटों बाद ईरानी मीडिया में भी खामेनेई के निधन की खबरें सामने आईं। बताया गया कि उनकी बेटी, दामाद, बहू, पोते समेत परिवार के अन्य सदस्य भी हमले में मारे गए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि खामेनेई के घर और कार्यालय को हवाई हमलों में निशाना बनाया गया।
40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित
खामेनेई की मौत की खबरों के बीच ईरान में ईरान में 7 दिन के अवकाश और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा किए जाने की बात भी सामने आई है।
तेहरान समेत कई शहरों में धमाके
ईरानी मीडिया के मुताबिक राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सरकारी इमारतों और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें भी आईं। इन हमलों में कई नागरिकों की मौत और दर्जनों के घायल होने की सूचना है।
निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी की प्रतिक्रिया
ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित पुत्र रज़ा पहलवी ने खामेनेई की मौत के दावे का स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा,
“हजारों ईरानियों की मौत के जिम्मेदार खामेनेई अब इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं। उनके अंत के साथ इस्लामिक रिपब्लिक का प्रभाव भी समाप्त हो रहा है।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव
खामेनेई की मौत के दावे के बाद कई देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। मध्य-पूर्व में तनाव और गहरा गया है। इज़रायल और अमेरिका ने इसे ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’ बताते हुए अपनी कार्रवाई को सही ठहराया है, जबकि ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार दिया है।
हालात पर सबकी नजर
फिलहाल खामेनेई की मौत को लेकर दावे, खंडन और विरोधाभासी खबरें जारी हैं। आधिकारिक पुष्टि के अभाव में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और पूरी दुनिया की नजर ईरान से आने वाले अगले बयान पर टिकी है।
अमेरिका-इज़रायल हमले की पृष्ठभूमि
इज़रायल ने शनिवार सुबह ईरान पर ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’ (प्रतिबंधात्मक हमला) शुरू करने का दावा किया।
इज़रायल का कहना है कि ईरान उसके खिलाफ बड़े हमले की तैयारी कर रहा था।
अमेरिका ने इज़रायल को सैन्य सहयोग देने की पुष्टि की है।
हमलों में तेहरान समेत ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया।
सैन्य ठिकानों, सरकारी इमारतों और संचार केंद्रों पर हवाई हमले किए गए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।
इज़रायल ने देशभर में आपात स्थिति लागू कर दी है और नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

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