मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा ऐलान:
वीजा खत्म होते ही मिलेगी अवैध प्रवासियों की लोकेशन

मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के बड़े शहरों में फैले ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कमर कस ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वीजा समाप्त होने के बाद भी देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर शिकंजा कसने के लिए ‘डायनेमिक इमिग्रेशन सिस्टम’ लागू किया जाएगा।
नाइजीरियाई नागरिकों पर शिकंजा
आमदार स्नेहा दुबे के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि कई नाइजीरियाई नागरिक पढ़ाई या इलाज के बहाने भारत आते हैं और वीजा खत्म होने के बाद जानबूझकर कोई छोटा-मोटा गिरफ्तारी वारंट अपने नाम दर्ज करवा लेते हैं। केस लंबित रहने तक उन्हें डिपोर्ट नहीं किया जा सकता, जिसका फायदा वे ड्रग्स तस्करी में उठाते थे। अब केंद्र सरकार के निर्देश पर ऐसे छोटे मामले वापस लेकर उन्हें तुरंत उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक 68 नाइजीरियाई नागरिकों को वतन वापस भेजा जा चुका है, जबकि 122 संदिग्ध डिटेंशन सेंटर में बंद हैं।
पुलिस और इमिग्रेशन के बीच सीधा तालमेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रणाली के तहत पुलिस विभाग और इमिग्रेशन ब्यूरो के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे वीजा समाप्त होते ही उन विदेशियों की जानकारी पुलिस को मिल जाएगी, जिससे उन्हें पकड़ना आसान होगा। संदिग्ध विदेशियों के पासपोर्ट और वीजा चेक करने के आदेश पुलिस को दिए गए हैं। साथ ही, बिना वैध दस्तावेज वाले विदेशियों को किराए पर घर या दुकान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मकोका और सख्त कानून
ड्रग्स माफियाओं पर नकेल कसने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। बार-बार ड्रग्स तस्करी में पकड़े जाने वाले गुर्गों पर मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) लगाने के निर्देश पुलिस कमिश्नरों को दिए गए हैं। वहीं, ड्रग्स पार्टियां चलाने वाले कैफे और आस्थापनाओं पर छापे मारे जाएंगे। नियम तोड़ने वाले होटलों के लाइसेंस सिर्फ निलंबित नहीं, बल्कि स्थायी रूप से रद्द करने के लिए कानून में संशोधन किया जा रहा है।
पुलिस पर भी रहेगी नजर
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि ड्रग्स तस्करी में शामिल पुलिस कर्मियों को सीधे बर्खास्त किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि स्थानीय अपराध शाखा के प्रमुखों की जवाबदेही पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इस मुद्दे पर विधानसभा में नानाभाऊ पटोले, हेमंत ओगले, डॉ. राहुल पाटील और विलास तरे ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

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