सौर क्रांति से बदले समीकरण
2029 तक दरें होंगी स्थिर!

मुंबई: महाराष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने दावा किया है कि आने वाले पांच वर्षों में बिजली के दरों में लगातार कमी आएगी, जिससे 2029 तक दरें पूरी तरह स्थिर हो जाएंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि महावितरण की बेहतर नीतियों और सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से यह संभव हो पाएगा।
दिन में बिजली इस्तेमाल करें, 25% तक का डिस्काउंट पाएं
सीएम फडणवीस ने बताया कि अब राज्य ने बिजली सब्सिडी का समय बदल दिया है। पहले रात 12 से 6 बजे तक सस्ती दरें थीं, लेकिन अब सौर ऊर्जा की बंपर उपलब्धता के चलते सुबह 9 से शाम 5 बजे (सोलर आवर्स) के दौरान बिजली इस्तेमाल करने वालों को 25% तक की भारी छूट मिलेगी। इसका सबसे अधिक लाभ उद्योगों को होगा।
तकनीकी गलती से बचा 1.35 लाख करोड़ का नुकसान
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) ने हाल ही में बिजली खरीद और बुनियादी ढांचे के आकलन में कुछ तकनीकी गलतियाँ की थीं, जिससे महावितरण को लगभग 80,000 करोड़ रुपए के ऊर्जा शुल्क और 55,000 करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से वंचित होना पड़ सकता था। सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप कर ये गलतियाँ सुधरवा लीं, जिससे ग्राहकों पर बोझ बढ़ने से बच गया।
गुजरात-तमिलनाडु को टक्कर
फडणवीस ने बताया कि वर्तमान में महाराष्ट्र में औद्योगिक बिजली दर 8.32 रुपए प्रति यूनिट है, जो 2029-30 तक घटकर मात्र 7.38 रुपए प्रति यूनिट रह जाएगी। यह दर तमिलनाडु (9.35 रुपये) और गुजरात (8.43 रुपये) से भी कम और अधिक प्रतिस्पर्धी होगी।
किसानों को बड़ी राहत
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आयोग द्वारा प्रस्तावित 30% कृषि बिजली दर वृद्धि को रद्द कराकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। साथ ही, उद्योगों से बैटरी स्टोरेज सिस्टम अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अब यह तकनीक मात्र 2.80 रुपये प्रति यूनिट पर उपलब्ध है, जिससे 24 घंटे सस्ती बिजली मिल सकेगी।
गौरतलब है कि महावितरण ने हाल ही में 1 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व का आंकड़ा पार कर देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है।

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