शिवसेना के संजय घाड़ी बने उपमहापौर
मुंबई: देश की सबसे समृद्ध महानगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका में आखिरकार भाजपा–शिवसेना (शिंदे गुट) महायुति ने सत्ता पर अपना दबदबा कायम कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी की रितु तावड़े को मुंबई का महापौर, जबकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के संजय घाड़ी को उपमहापौर चुना गया है। खास बात यह है कि 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बीजेपी ने मुंबई का महापौर पद अपने नाम किया है।
बिनविरोध हुई महापौर–उपमहापौर की चुनाव प्रक्रिया
मुंबई महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर पद के लिए 7 फरवरी 2026 को नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई थी। महापौर पद के लिए रितु तावड़े और उपमहापौर पद के लिए संजय घाड़ी ने ही नामांकन दाखिल किया। विपक्षी दलों द्वारा कोई उम्मीदवार न उतारने के कारण दोनों की बिनविरोध चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई। 11 फरवरी को औपचारिक रूप से इनके नामों की घोषणा की गई।
44 साल बाद बीजेपी की बड़ी वापसी
मुंबई महानगरपालिका में करीब चार दशक बाद बीजेपी का महापौर बनना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इस जीत को महायुति सरकार की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव परिणाम आते ही सत्ताधारी पक्ष में उत्साह का माहौल नजर आया।
कौन हैं रितु तावड़े?
रितु तावड़े बीजेपी की मुंबई की जानी-मानी और आक्रामक शैली की नेता मानी जाती हैं।
वर्ष 2012 में घाटकोपर के प्रभाग क्रमांक 121 से पहली बार पार्षद चुनी गईं।
वर्ष 2017 में प्रभाग क्रमांक 127 से दोबारा जीत दर्ज की।
वर्ष 2026 में प्रभाग क्रमांक 132 से चुनाव जीतकर महापौर पद तक पहुंचीं।
इससे पहले वह मुंबई महानगरपालिका की शिक्षण समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
महापौर चुनाव के दौरान सदन में हंगामा
महापौर–उपमहापौर चुनाव की प्रक्रिया के दौरान महानगरपालिका का सभागृह भारी हंगामे का गवाह बना। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महायुति सरकार के कई मंत्री मौजूद थे। इस दौरान सत्ताधारी और विपक्षी पार्षदों के बीच जमकर नारेबाजी हुई।
पीठासीन अधिकारी पर विपक्ष का आक्षेप
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की गटनेता किशोरी पेडणेकर ने पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया। हालांकि, आयुक्त भूषण गगराणी ने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति को खारिज कर दिया।
नारों से गूंजा सभागृह
चुनाव प्रक्रिया के दौरान महायुति समर्थकों ने “जय श्रीराम”, “देवाभाऊ आगे बढ़ो”, “महायुति का विजय असो” जैसे नारे लगाए,
वहीं विपक्षी सदस्यों ने “उद्धव ठाकरे का विजय असो”, “शिवसेना का विजय असो” के नारे बुलंद किए। दोनों पक्षों की जोरदार घोषणाओं से सभागृह गूंज उठा।

चुनाव के बाद क्या बोले मुख्यमंत्री फडणवीस?
महापौर–उपमहापौर के चुनाव के बाद मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मुंबई महानगरपालिका में महायुति की सत्ता आई है, इसका विशेष आनंद है। हम बालासाहेब ठाकरे के सपनों की मुंबई बनाने का पूरा प्रयास करेंगे। जनता को लोकतांत्रिक और पारदर्शी शासन चाहिए।”

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