मुंबई. पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को निर्देश दिए हैं कि कांजूरमार्ग स्थित ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी बाधाएं तुरंत दूर की जाएं। 8,000 मेगावॉट क्षमता के इस प्लांट से रोजाना निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान होगा और बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन किया जाएगा।
मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसलिए प्रक्रिया में तेजी लाते हुए सुप्रीम कोर्ट में बीएमसी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए। बैठक में पर्यावरण सचिव जयश्री भोज, ऊर्जा विभाग के नारायण कराड, बीएमसी के उपायुक्त किरण दिघावकर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद थे।
विशाल ऊर्जा उत्पादन की संभावना
कांजूरमार्ग स्थित ‘वेस्ट टू एनर्जी’ परियोजना से लगभग 8,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। इस मौके पर बताया गया कि देवनार में भी 500 मेगावॉट क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाया जा रहा है। ये दोनों प्रोजेक्ट मुंबई के कचरा संकट का स्थायी समाधान बनेंगे और पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित होंगे। यह योजना प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करते हुए ऊर्जा उत्पादन का अभिनव प्रयास है।

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